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वांगचुक सरकारी अस्पताल में ही रहे

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अभी सफदरजंग अस्पताल में ही रहना होगा। अदालत ने उनको निजी अस्पताल में शिफ्ट करने से इनकार कर दिया है। वांगचुक की पत्नी सोनम आंगमो ने याचिका देकर अपील की थी कि उनके पति को निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराने दिया जाए। रविवार का दिन होने के बावजूद दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की। अदालत ने कहा कि 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक को जंतर मंतर से हटाना सही काम था और अभी उनको सफदरजंग अस्पताल में ही रखा जाए।

दिल्ली हाईकोर्ट की एकल बेंच ने रविवार कहा, ‘स्वास्थ्य बिगड़ने और डिवीजन बेंच के आदेश के कारण उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया गया। सरकार की इस कार्रवाई को मनमाना नहीं कहा जा सकता’। अदालत ने कहा कि वांगचुक को वहीं दवाएं दी जा रहीं, जिसमें उनकी रजामंदी है। कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ पुलिस को तीन दिन में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। दूसरी ओर वांगचुक की पत्नी ने कहा है कि वे इस फैसले को डबल बेंच में चुनौती देंगी।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस शनिवार सुबह वांगचुक को जंतर मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। अस्पताल में भी वांगचुक की भूख हड़ताल जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लेकर 28 जून से भूख हड़ताल पर थे।

बहरहाल, रविवार को हाई कोर्ट में हुई सुनवाई में सोनम वांगचुक के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि ऐसा कोई मेडिकल रिकॉर्ड नहीं है जो यह दिखाए कि उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें जबरन अस्पताल ले जाना पड़े। सभी पैरामीटर सामान्य हैं। फिर किस आधार पर उन्हें जबरन अस्पताल ले जाया गया? सिब्बल ने यह भी कहा कि वे सिर्फ इतना कह रहे हैं कि वांगचुक को निजी अस्पताल में भर्ती कराने की इजाजत दी जाए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वांगचुक हिरासत में नहीं हैं। उनकी पत्नी, भाई और अन्य परिजनों को उनसे मिलने की अनुमति दी गई है।

हालांकि वांगचुक की पत्नी गीतांजलि का कहना है कि सफदरजंग अस्पताल में उनको बगल का कमरा दिया गया है लेकिन वहां कोई प्राइवेसी नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे फ्लोर पर मौजूद है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस वाले कमरे में भी आते हैं या बाहर से झांकते रहते हैं। 23 जुलाई को इस मामले में फिर हाई कोर्ट में सुनवाई होगी।

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By NI Desk

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