लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि जब उन्होंने इस ‘बर्बरता’ के लिए जिम्मेदार का नाम सदन में लिया तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें बोलने नहीं दिया।
उन्होंने सदन में अमित शाह को लेकर गंभीर आरोप लगाया जिसके कारण सत्तापक्ष के सदस्यों ने तीखा विरोध किया और उनसे माफी की मांग की। सदन की कार्यवाही पहले ढाई बजे और फिर तीन बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज संसद में मेरे भाषण के दौरान मैंने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके ज़िम्मेदार का नाम लिया, गृह मंत्री अमित शाह। मुझे भाजपा ने बोलने नहीं दिया….माइक बंद कर सकते हैं – छात्रों की गूंज नहीं।’
Also Read : गोवा विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र 31 अगस्त से
लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राहुल गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने यह कहा है कि दो ही परिस्थितियां हो सकती हैं। एक यह है कि गृह मंत्री ने आदेश दिया और दूसरा यह कि उन्हें मालूम नहीं था कि गोली चलाई जा रही है। पहले मामले में वह दोषी हैं और दूसरी स्थिति में वह अक्षम हैं। इसमें तीसरी बात नहीं है।’’
उन्होंने सदन में गृह मंत्री की गैरमौजूदगी को लेकर उन पर कटाक्ष किया और कहा कि भारत के ‘‘बहादुर’’ गृह मंत्री सदन में नहीं आए।
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘अगर उन्होंने कुछ नहीं किया है, कोई आदेश नहीं दिया तो सफाई दे दें।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मुख्य बात है कि सदन में बोलने का मेरा अधिकार बनता है और यह हक मुझे दिया जाना चाहिए।’’
इससे पहले, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने छात्रों पर बलप्रयोग का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने तीखा विरोध किया और कहा कि राहुल गांधी ने गलत बयान दिया और उन्होंने अपने विशेषाधिकार का हनन करते हुए बयान दिया जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
Pic Credit : ANI
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


