नई दिल्ली। गाजा (Gaza) में संघर्ष विराम समझौते और इजरायल व हमास के बीच बंधकों की रिहाई के फैसले का भारत ने स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने उम्मीद जताई कि यह घटनाक्रम गाजा में सुरक्षित और निरंतर मानवीय सहायता का मार्ग प्रशस्त करेगा।विदेश मंत्रालय ने कहा हम बंधकों की रिहाई और गाजा (Gaza) में युद्ध विराम (Ceasefire) के लिए समझौते की घोषणा का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि इससे गाजा के लोगों को निरंतर मानवीय सहायता मिलेगी। भारत ने बंधकों की रिहाई, युद्ध विराम और बातचीत और कूटनीति की वकालत की है।
बयान में कहा गया हमने लगातार सभी बंधकों की रिहाई, युद्ध विराम और बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटने का आह्वान किया है। युद्ध विराम समझौता कतर, मिस्र और अमेरिका द्वारा दोहा में कई सप्ताह तक चली बातचीत के बाद सम्पन्न हुआ। कतर के प्रधान मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल-थानी ने घोषणा करते की कि पहले 42-दिवसीय चरण में 33 इजरायली बंधकों को रिहा किया जाएगा, जो संभावित रूप से स्थायी युद्ध विराम में विकसित हो सकता है।
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प्रारंभिक रिहाई में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार या घायल लोगों को प्राथमिकता दी गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बुधवार को एक ब्रीफिंग में इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा आज का दिन बहुत अच्छा है! जल्द ही, बंधक अपने परिवारों के पास घर लौट आएंगे। बाइडेन ने कहा कि बदले में इजरायल फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। युद्ध के स्थायी अंत के लिए इजरायल और हमास दूसरे चरण में आवश्यक व्यवस्थाओं पर बातचीत करेंगे।
7 अक्टूबर, 2023 को शुरू हुए इस संघर्ष के कई विनाशकारी परिणाम सामने आए है। दक्षिणी इजरायल पर हमास के हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए और लगभग 250 लोगों का अपहरण किया गया। हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में इजरायल के बाद के हमले में 46,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। यह युद्धविराम रविवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:15 बजे प्रभावी होगा, जिसे इजरायल के मंत्रिमंडल और सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी मिलनी बाकी है।
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