मास्को। रूस के अमूर क्षेत्र में गुरुवार को एक एएन24 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार 49 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 5 बच्चे और 6 क्रू-मेंबर भी शामिल हैं।
विमान ने ब्लागोवेशचेंस्क से उड़ान भरी थी। वह रूस-चीन सीमा के पास स्थित टिंडा की ओर जा रहा था, लेकिन निर्धारित लैंडिंग से कुछ समय पहले ही विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया। इस फ्लाइट को साइबेरिया की अंगारा एयरलाइंस संचालित कर रही थी।
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ के अनुसार, विमान में कथित तौर पर हवा में ही आग लग गई और वह रडार से गायब हो गया।
इसके बाद रेस्क्यू हेलीकॉप्टर्स ने टिंडा से लगभग 16 किलोमीटर दूर एक सुदूर पहाड़ी पर जलते हुए मलबे का पता लगाया।
अमूर सेंटर ऑफ सिविल डिफेंस एंड फायर सेफ्टी के अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए बताया जब एक एमआई-8 खोजी हेलीकॉप्टर दुर्घटनास्थल के ऊपर से उड़ा, तो कोई भी यात्री जीवित नहीं मिला।
जानकारी के मुताबिक विमान के गिरते ही उसमें आग लग गई। एक प्रवक्ता ने कहा रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद कठिन हो गया है, क्योंकि हादसा एक खड़ी और दुर्गम ढलान पर हुआ है।
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इस क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां भी राहत कार्य में बड़ी बाधा बन रही हैं। घने टैगा जंगल और दलदली जमीन ने बचाव दलों के लिए घटनास्थल तक पहुंचने में मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
चौंकाने वाली बात यह रही कि विमान ने क्रैश होने से पहले कोई भी ‘डिस्ट्रेस सिग्नल’ नहीं भेजा, जिससे यह सवाल और गहरा गया है कि आखिर विमान में अचानक ऐसा क्या हुआ, जिसकी भनक तक नहीं लगी।
प्रारंभिक रिपोर्ट्स से पता चलता है कि एएन-24 विमान टिंडा हवाई अड्डे पर उतरने के लिए दूसरी बार प्रयास कर रहा था, तभी वह रडार से गायब हो गया।
सूचना मिलने पर एक रोसावियात्सिया एयरक्राफ्ट और कई बचाव दल तुरंत उस क्षेत्र में भेजे गए।
अमूर क्षेत्र के गवर्नर वासिली ओरलोव ने कहा विमान की तलाश के लिए सभी आवश्यक बल और साधन तैनात कर दिए गए हैं।
सुदूर पूर्वी परिवहन अभियोजक कार्यालय के जांचकर्ताओं ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
फार ईस्टर्न ट्रांसपोर्ट प्रॉसिक्यूटर ऑफिस के जांचकर्ताओं ने इस हादसे की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद ही हादसे का कारण पता चल पाएगा।
Pic Credit : ANI
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