नितिन नबीन 20 जनवरी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगे। भाजपा के नेताओं का कहना है कि उसके बाद अपने आप उनका सम्मान बढ़ जाएगा। सम्मान बढ़ने वाली बात इसलिए आई है क्योंकि उनके कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद भी पार्टी के ज्यादातर वरिष्ठ नेता उनको वह सम्मान नहीं दे रहे हैं, जो उनको मिलना चाहिए। इस वजह से खबर है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से नीचे तक यह मैसेज किया गया है कि कोई भी कार्यकारी अध्यक्ष को उनके नाम से नहीं बुलाएगा। असल में नितिन नबीन की उम्र अभी 45 साल है और देश के ज्यादातर राज्यों के मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री या बड़े नेता उनसे ज्यादा उम्र के हैं। दूसरी बात यह है कि सबने अब तक उनको नाम लेकर ही बुलाया है।
तभी पिछले दिनों कई जगह से खबर है कि लोग उनको नाम से बुलाते हैं और कुछ नेता तो नाम के साथ जी लगाना भी जरूरी नहीं समझते। यह विवाद तब बढ़ा, जब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे नितिन नबीन का सिर्फ पहला नाम ले रहे हैं और किसी से पूछ भी रहे हैं, ‘नितिन चुनाव लड़ा था इस बार’? वीडियो में दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी उनका पहला नाम लेकर बुलाती दिख रही हैं। बताया जा रहा है कि इसके बाद ही पार्टी की ओर से निर्देश जारी किया गया। हालांकि सिर्फ निर्देश जारी करने से कुछ नहीं होगा। पार्टी के नेता मान रहे हैं कि 20 जनवरी के बाद अपने आप उनको सम्मान मिलने लगेगा, जब वे राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगे। तब लोग या तो उनको अध्यक्ष जी कह कर संबोधित करेंगे या नितिन जी कहेंगे।


