महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और उनकी भ्रष्टाचार निरोधक पुलिस यानी एसीबी दोनों कह रहे हैं कि अजित पवार के लिए चुनाव प्रबंधन का काम देख रही कंपनी डिजाइनबॉक्स्ड के कार्यालय में एसीबी का जाना कोई बड़ी बात नहीं है। एसीबी की ओर से कहा गया है कि उसे कुछ लोगों के बीच विवाद होने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद एसीबी के अधिकारी नरेश अरोड़ा की कंपनी डिजाइनबॉक्स्ड के कार्यालय गए लेकिन वहां उन्हें कुछ नहीं मिला। इसलिए शिकायत को खारिज कर दिया गया है। अब सवाल है कि विवाद या झगड़ा होने की शिकायत मिलेगी तो जांच के लिए पुलिस जाएगी, एसीबी क्यों गई थी?
क्या भारतीय जनता पार्टी और महाराष्ट्र सरकार ने अजित पवार को कोई चेतावनी दी है? कोई इशारा दिया है? ध्यान रहे मंगलवार को एसीबी की टीम पुणे में नरेश अरोड़ा के कार्यालय में गई थी और मंगलवार को ही अजित पवार खेमे के बड़े नेता प्रफुल्ल पटेल ने बयान दिया कि चुनाव में गठबंधन करना अलग बात है लेकिन दोनों एनसीपी का विलय नहीं होने जा रहा है। ध्यान रहे अजित पवार लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जिससे लग रहा है कि वे चाचा शरद पवार की पार्टी के साथ विलय करने जा रहे हैं। उनकी पार्टी पुणे, पिंपरी चिंचवाड़ और परभणी में शरद पवार की पार्टी के साथ मिल कर लड़ रही है। उसने उद्धव ठाकरे की पार्टी से भी तालमेल किया है। ऐसा भाजपा को रोकने और अपना गढ़ बचाने के लिए किया गया। ध्यान रहे कुछ दिन पहले ममता बनर्जी का चुनाव प्रंबधन संभाल रही कंपनी आईपैक के दफ्तर में ईडी ने छापा मारा था। अब डिजाइनबॉक्स्ड के ऑफिस में एसीबी पहुंची है।
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