कांग्रेस पार्टी ने असम में चार पार्टियों के साथ गठबंधन का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस के अलावा इसमें लुरिनजोत गोगोई की असम जातीय परिषद को शामिल किया गया है और सीपीएम को भी इसका हिस्सा बनाया गया है। इसके अलावा ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस को गठबंधन में शामिल किया गया है। आश्चर्यजनक ढंग से सीपीआई इसमें शामिल नहीं है और न सीपीआई माले को जगह मिली है। उससे भी हैरानी की बात है कि अखिल गोगोई की पार्टी रायजोर दल को भी कांग्रेस ने गठबंधन में शामिल नहीं किया है। ध्यान रहे कांग्रेस ने पहले आठ पार्टियों का सम्मिलितो मोर्चा बनाया था। लेकिन अब उसमें से चार पार्टियां बाहर हो गई हैं।
जानकार सूत्रों का कहना है कि अभी कांग्रेस ने चार पार्टियों का जो गठबंधन बनाया है वह अंतिम नहीं है। इसका मतलब है कि बाकी पार्टियों से बातचीत चल रही है। ध्यान रहे अखिल गोगोई विधायक हैं। उन्होंने नागरिकता कानून में संशोधन को खिलाफ आंदोलन में हिस्सा लिया था। अखिल और लुरिनजोत गोगोई ने अहोम अस्मिता का मुद्दा बना कर बड़ा आंदोलन किया था। इस बार कांग्रेस का चुनाव इसी मुद्दे पर होने वाला है। भाजपा के सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति के मुकाबले कांग्रेस ने अहोम संस्कृति और स्थानीय अस्मिता का मुद्दा बना कर लड़ने की रणनीति बनाई है। अगर अखिल गोगोई उसका हिस्सा नहीं बनते हैं तो वह मुद्दा कमजोर पड़ेगा। लेफ्ट की तीनों पार्टियों के साथ होने का भी बेहतर लाभ कांग्रेस को हो सकता है। जातीय दल असोम भी पहले कांग्रेस के साथ था। कांग्रेस के नेता बता रहे हैं कि खुद प्रियंका गांधी वाड्रा वहां की राजनीति का ध्यान रख रही हैं। इसलिए प्रदेश के नेता कुछ शिथिल हुए हैं।
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