झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पऱ चुनाव होंगे लेकिन वह चुनाव मई में है। लेकिन उसमें से कोई भी सीट भाजपा को नहीं मिलेगी। लेकिन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के राजनीतिक पुनर्वास की चर्चा जोर शोर से चल रही है। जानकार सूत्रों का कहना है कि मुंडा को ओडिशा से राज्यसभा भेजा जा सकता है। वहां कोई बाहरी या भीतरी का मामला अभी नहीं है। हालांकि विधानसभा चुनाव में भाजपा ने नवीन पटनायक के सहयोगी और पूर्व आईएएस अधिकारी पांडियन को लेकर ऐसा माहौल बनाया था।
बहरहाल, ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से दो सीट भाजपा को और एक बीजू जनता दल को निश्चित रूप से मिलेगी। उसके बाद चौथी सीट पर भाजपा के पास भी वोट कम हैं और बीजद के पास भी। लेकिन बीजद और कांग्रेस मिल कर चौथी सीट जीत सकते हैं। इस जोड़ तोड़ के बीच चर्चा है कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को ओडिशा ले जाया जा सकता है। असल में भाजपा को झारखंड के लिए एक मजबूत और लोकप्रिय आदिवासी चेहरे की जरुरत है। बाबूलाल मरांडी को भाजपा पिछले कई साल से आजमा रही है लेकिन कामयाबी नहीं मिल पा रही है।


