पिछले कुछ दिनों से इसका इंतजार हो रहा था कि दिलीप रे चुनाव लड़ पाएंगे या नहीं और जब दिल्ली हाई कोर्ट ने उनको राहत दे दी और उनकी सजा पर रोक लगा दी तो इस बाद का इंतजार हो रहा था कि भाजपा उनको टिकट देती है या नहीं है। यह इंतजार इसलिए हो रहा था क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मी बहुत जोर शोर से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे और कह रहे थे कि भ्रष्टाचारियों को वे छोड़ेंगे नहीं। अब इंतजार खत्म हो गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के बीच भाजपा ने दिलीप रे को ओडिशा की राउरकेला सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतार दिया है।
ओडिशा के नेता और कारोबारी दिलीप रे पर झारखंड में कोयला ब्लॉक के आवंटन में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। दिसंबर 2020 में सीबीआई की विशेष अदालत ने उनको दोषी ठहराया था और सजा दे दी थी। इसके बाद उनके चुनाव लड़ने पर रोक लग गई थी। लेकिन कुछ समय पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगा दी और उसके बाद भाजपा ने उनको राउरकेला सीट से उम्मीदवार बना दिया। वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कोयला राज्यमंत्री थे और उसी समय कोल ब्लॉक के आवंटन में गड़बड़ी का आरोप उनके ऊपर लगा था। भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत से सजा पाए होने के बावजूद दिलीप रे भाजपा की टिकट से लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं।
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