यह कमाल की खबर है कि पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई है उसमें यात्रियों को मांसाहारी भोजन नहीं मिलेगा। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल से असम के बीच चलने वाली है। सोचें, दोनों राज्यों में मांसाहार का चलन है और खासकर पश्चिम बंगाल में तो मांस और मछली रोजाना के भोजन का हिस्सा है। पूजा के समय भी मांसाहार वहां वर्जित नहीं है। इस मुद्दे पर जब विवाद हुआ तो भाजपा के नेताओं ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार ने मिड डे मील में से मांसाहार हटा दिया है। सोचें, स्कूल में बच्चों को मांसाहार दिए जाने की तुलना ट्रेन के भोजन से की जा रही है। स्कूल में आमतौर पर भोजन ऐसा दिया जाता है, जो बनाने में आसान हो।
बहरहाल, यह सिर्फ वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का मामला नहीं है, बल्कि ओडिशा में एक जिले के कलेक्टर ने तो उससे भी आगे बढ़ कदम उठाया। ओडिशा के कोरापुट जिले के कलेक्टर ने एक आदेश जारी किया है और कहा है कि गणतंत्र दिवस के दिन यानी 26 जनवरी को जिले के किसी भी हिस्से में मांस, मछली, अंडा आदि की बिक्री नहीं होनी चाहि। मांसाहारी सामान बेचने वाली सारी दुकानें बंद रहनी चाहिए। इससे पहले इस तरह की बंदी की अपील नवरात्रों में या कांवड़ यात्रा के दौरान या जैन धर्म के पर्यूषण पर्व के समय देखने, सुनने को मिलती थी। अब गणतंत्र दिवस पर भी आदेश जारी हो रहा है। हालांकि यह पता नहीं है कि भाजपा सरकार की ओर से प्रयोग के तौर पर एक जिले में ऐसा कराया जा रहा है या अति भक्ति में एक जिले के कलेक्टर ने खुद ही आगे बढ़ कर ऐसा आदेश दिया है।
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