पश्चिम बंगाल सरकार किस किस स्तर पर केंद्र सरकार के साथ टकराव ले रही है, यह देख कर हैरानी होती है। ममता बनर्जी की पार्टी की सरकार का टकराव राजभवन के साथ चल रहा है और चुनाव आयोग के साथ भी चल रहा है। एसआईआर को लेकर ममता बनर्जी की पार्टी और चुनाव आयोग आमने सामने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कम और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ उन्होंने ज्यादा मोर्चा खोला है। घुसपैठियों और सीमा पर बाड़ लगाने के मसले पर केंद्रीय गह मंत्रालय के साथ उनका टकराव चल रहा है। अमित शाह के गृह मंत्रालय से उनके टकराव का नया मोर्चा जनगणना का है। ममता बनर्जी की सरकार ने अभी तक जनगणना की अधिसूचना जारी नहीं की है।
गौरतलब है कि जनगणना केंद्रीय गृह मंत्रालय का विषय है और मंत्रालय की ओर से ही अधिसूचना जारी होती है लेकिन उसी अधिसूचना को हर राज्य सरकार को दोबारा से जारी करना होता है। पिछले साल जून में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की है, जिसके बाद देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ने दोबारा जारी कर दिया। सिर्फ पश्चिम बंगाल सरकार ने अभी तक अधिसूचना जारी नहीं की है। ध्यान रहे एक अप्रैल से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें मकानों की गिनती होगी और अगले साल इंसानों की गिनती होगी। बताया जा रहा है कि राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी भट्टाचार्य ने मुख्य सचिवों के सम्मेलन में इस पर कोई जवाब नहीं दिया। मीडिया के सवालों से भी सरकार बच रही है। हालांकि किसी को समझ नहीं आ रहा है कि इस टकराव का क्या मतलब है!
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