दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की दिग्गज नेता रहीं ताजदार बाबर के बेटे और दिल्ली के मयेर रहे फरहाद सूरी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। उन्होंने एक याचिका देकर सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि अदालत उत्तर प्रदेश पुलिस से पूछे कि वह 22 और 23 अगस्त की दरम्यानी रात को उनके घर पर क्यों छापा मारने आई थी? सूरी का कहना है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस आधी रात के करीब उनके निजामुद्दीन स्थित घर पहुंची और तलाशी ली। कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस सोशल मीडिया पर एक चर्चित प्लेटफॉर्म के पुराने पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को खोजने उनके घर पहुंची थी। सवाल है कि अभिषेक उपाध्यक्ष को खोजने यूपी की पुलिस क्यों दिल्ली के पूर्व मेयर के निजामुद्दीन स्थित घर पहुंची?
इस सवाल का जवाब यूपी पुलिस को देना होगा। हालांकि यूपी अभिषेक उपाध्याय को कई और जगह खोज रही थी। जानकर हैरानी होगी कि उनको इसलिए खोजा जा रहा था क्योंकि कथित तौर पर गाजियाबाद के इंदिरापुरम में एक मॉल के पास उनकी गाड़ी की किसी दूसरी गाड़ी से मामूली टक्कर हो गई थी। हालांकि इसकी भी एफआईआर पुलिस ने उनको नहीं दी। बाद में इसे लेकर बहुत विवाद हुआ और सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक उपाध्याय के ऊपर किसी किस्म की कार्रवाई पर रोक लगाई। अनूप अवस्थी ने उनका मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाया था और अवस्थी ही सूरी का मामला सुप्रीम कोर्ट में लड़ेंगे। असल में अभिषेक उपाध्याय ने लगातार राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में कई अहम खुलासे किए। वे उसके बाद भी राज्य सरकार के कामकाज को लेकर रिपोर्ट करते रहे हैं और राज्य सरकार के सूचना तंत्र पर भी सवाल उठाते रहे हैं।
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