जेनरेशन जी यानी ऐसी पीढ़ी, जिसका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ हो यानी ऐसे किशोर व युवा जिनकी उम्र इस समय 14 से 29 साल की है। नेपाल में इस पीढ़ी ने केपी शर्मा ओली सरकार का तख्तापलट किया था और उसके बाद हुए चुनाव में बालेन शाह प्रधानमंत्री बने थे। उसके बाद से भारत में भी बात बात में जेन जी की चर्चा होने लगती है। राहुल गांधी को उम्मीद है कि इस देश का जेन जी मौजूदा सरकार को सबक सिखाएगा। हाल के दिनों में जितनी परीक्षाओं में पेपर लीक हुए हैं या उत्तर पुस्तिकाएं जांचने में गड़बड़ी हुई है उससे राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की उम्मीद बढ़ गई है।
सरकार को भी कहीं न कहीं इसकी चिंता सता रही है कि जेन जी आक्रोशित हुआ तो अगले चुनावों में मुश्किल हो सकती है। इसलिए युवाओं का गुस्सा ठंडा करने के लिए कहा गया है कि 21 जून को नीट यूजी की परीक्षा होगी तो वायु सेना के जहाजों से सवाल पहुंचाया जाएगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद परीक्षा को मॉनीटर करेंगे। हालांकि तब भी भरोसा नहीं बन रहा है तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने जेन जी बनाम असली जेन जी का जुमला बोला है। उन्होंने कहा कि असली जेन जी देश के विकास और इसके निर्माण में योगदान करेगा। उसके बाद से भाजपा के नेता नीट यूजी या सीयूईटी या 12वीं की सीबीएसई परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों का मुद्दा उठाने वाले छात्रों को असली जेन जी की श्रेणी से बाहर निकालने में लग गए हैं। जो अपनी परेशानी बताएगा वह असली जेन जी नहीं है, बल्कि जो सरकारी एजेंसियों की नाकामी को बरदाश्त करेगा वह असली जेन जी कहलाएगा।
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