सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अंतरिम जमानत की याचिका पर सुनवाई नहीं की है। उसने ईडी से जवाब मांगा है और 21 मई को सुनवाई करने के लिए कहा है। गौरतलब है कि 21 मई को सुप्रीम कोर्ट में आखिरी कामकाजी दिन है। उसके बाद गरमी की छुट्टियां शुरू हो जाएंगी। इसलिए अगर हेमंत सोरेन की जमानत पर फैसला होना है तो वह 21 मई को हो जाएगा क्योंकि जो बेंच गिरफ्तारी को चुनौती देना वाली उनकी याचिका पर सुनवाई कर रही है वहीं अंतरिम जमानत का मामला सुनेगी। अवकाशकालीन बेंच उस पर सुनवाई नहीं कर सकती है। माना जा रहा है कि जिस तरह से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत मिली उसी आधार पर हेमंत सोरेन को भी जमानत मिल जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने इस आधार पर केजरीवाल को जमानत दी है कि वे एक पार्टी के चुने हुए नेता हैं और लोकसभा चुनाव के समय जेल में बंद हैं। अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई में समय लगेगा इसलिए उनको चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दी जाती है। हेमंत सोरेन ने भी गिरफ्तारी को चुनौती दी है और उनकी याचिका को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में इस पर विचार होना है। अब उन्होंने केजरीवाल की जमानत को आधार बना कर एक जून तक की जमानत मांगी है ताकि चुनाव प्रचार कर सकें। माना जा रहा है कि 21 मई को उनको जमानत मिल जाएगी। उसके बाद दो चरण का मतदान बचा रहेगा, जिसमें उनकी पार्टी के असर वाले संथालपरगना इलाके में मतदान होना है। बाहर निकल कर वे दुमका, राजमहल, गोड्डा आदि सीटों पर प्रचार कर सकेंगे।
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