वैक्सीन फर्जीवाड़ा : बिहार के गया में योगी आदित्यनाथ, हेमंत सोरेन, राबड़ी देवी को लगाई गई वैक्सीन की पहली खुराक

कोविड वैक्सीन की दूसरी खुराक के लाभार्थियों की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा समेत अन्य के नाम अपलोड किए गए।

आदिवासी नृत्य महोत्सव सम्मान का प्रतीक, मुख्यमंत्री सोरेन ने नृत्य महोत्सव उद्घाटन किया

झारखंड (Jharkhand) के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने कहा है कि राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय वर्ग का सम्मान है।

झारखंड: ढाई लाख पदों पर नियुक्ति के निर्देश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और रिक्त पदों पर नियुक्ति से जुड़ी तकनीकी अड़चनों को दूर करने पर विचार-विमर्श किया।

सीएम राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के लिए आमंत्रित

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव 2021 में सम्मिलित होने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आमंत्रित किया गया

दूसरे राज्यों में भी युवा नेताओं की टीम

इसी तरह बिहार से सटे झारखंड में भी युवा नेताओं की एक त्रिमूर्ति बनेगी, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ तेजस्वी यादव और कन्हैया कुमार शामिल होंगे।

विधानसभा में नमाज के लिए कमरा अलॉट करने पर भड़के BJP विधायक, बैठकर भजन-कीर्तन किया शुरू …

झारखंड विधानसभा में आज जमकर बवाल हुआ. हंगामे का कारण की सभा में नमाज के लिए अलग से कमरा अलॉट करना था. इसी का भारतीय जनता पार्टी के विधायक विरोध कर रहे थे….

कमलनाथ झारखंड की चिंता में क्यों हैं?

kamal nath Jharkhand : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को झारखंड सरकार की चिंता सता रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार गिराने का उपक्रम कर रहे हैं। उन्होंने टाइमलाइन भी दी है और कहा है कि अगले 15 दिन में ऐसा कोई प्रयास हो सकता है। इससे कोई तीन महीने पहले भी एक बार कमलनाथ ने इस तरह के बयान दिए थे और तब मध्य प्रदेश में इस बात की बड़ी चर्चा थी कि कांग्रेस नेतृत्व ने कमलनाथ को झारखंड सरकार बचाने का जिम्मा दिया है। इस काम के लिए वे कई दिन तक दिल्ली में बैठे भी रहे थे। अब एक बार फिर वे झारखंड को लेकर सक्रिय हो गए हैं। तभी सवाल है कि आखिर वे क्यों झारखंड की चिंता में हैं? यह भी पढ़ें: प्रदेशों का मामला कब तक लटकाए रखेगी कांग्रेस kamal nath Jharkhand : झारखंड के प्रभारी आरपीएन सिंह हैं और सह प्रभारी उमंग सिंघार हैं। इन दोनों की बजाय कमलनाथ ज्यादा पंचायत कर रहे हैं। क्या सचमुच कांग्रेस आलाकमान ने प्रभारी और सह प्रभारी को छोड़ कर कमलनाथ पर भरोसा दिखाया है या वे किसी और कारण… Continue reading कमलनाथ झारखंड की चिंता में क्यों हैं?

झारखंड में कांग्रेस की कलह चलती रहेगी

विधायकों की दिल्ली यात्रा पूरी तरह से सुनियोजित थी, इसका पता तब चला, जब एक विधायक की यात्रा की टिकट और पीएनआर चेक किया गया। पता चला कि एक पीएनआर पर तीन या चार विधायकों की टिकट हुई थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से सरकार को अलर्ट किया गया और सरकार ने कांग्रेस नेतृत्व को बताया।

क्षत्रपों से नही जीत पाते मोदी!

हो सकता है कि इसके कुछ अपवाद हों लेकिन यह तथ्य है कि विधानसभा चुनावों में प्रादेशिक क्षत्रपों के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता काम नहीं आती है। उनके नेतृत्व में लड़ कर भाजपा ने बड़े चुनाव जीते हैं लेकिन ज्यादातर चुनाव कांग्रेस शासित राज्यों में ही पार्टी जीत पाई है। कुछ अपवादों को छोड़ दें तो प्रादेशिक क्षत्रपों के  साथ मुकाबले में हर जगह भाजपा को शिकस्त मिली है। प्रादेशिक क्षत्रपों वाले राज्यों में भी मोदी के चेहरे पर पार्टी उन्हीं राज्यों में जीती है, जहां कांग्रेस एक ताकत है और प्रादेशिक पार्टी के साथ कांग्रेस का तालमेल रहा है। या किसी वजह से कांग्रेस तिकोना चुनाव बनाने में कामयाब हुई है। झारखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा आदि का इस लिहाज से जिक्र किया जा सकता है। लेकिन जहां कांग्रेस बहुत कमजोर है और कमान प्रादेशिक क्षत्रपों के हाथ में है वहां वे जीते हैं। यह भी पढ़ें: मोदी का चेहरा बचाना या कुछ और बात? पश्चिम बंगाल की ताजा मिसाल दी जा सकती है। कांग्रेस वहां है लेकिन इस बार के चुनाव में कांग्रेस को तीन फीसदी वोट भी नहीं मिले। आमने-सामने के मुकाबले में ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा को हराया। यह भाजपा से… Continue reading क्षत्रपों से नही जीत पाते मोदी!

Lockdown पर इन राज्यों में जारी रहेंगी पाबंदियां, जाने अपने राज्य का हाल

नई दिल्ली | देशभर में अब कोरोना के नये मामलों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. कोरोना के घटते मामलों को देखते हुए राज्यों का सरकार अब अपने लोगों को धिरे-धिरे राहत देने का भी काम कर रही है. यहां ये स्पष्ट कर दें कि भारत के दक्षिणी इलाकों में अभी भी कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप बरकरार है. ज्यादातर राज्यो में अब सराकारें लॉकडाउन में छूट दे रही हैं . हालांकि इस छूट का नाम अनलॉक के पार्ट्स में लिखा जा रहा है. कई ऐसे भी राज्य हैं जिनमें अभी भी पाबंदियो को जारी रखा जा रहा है. महाराष्ट्र में भी नये मामलों में कमी आने के बाद से अब अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. तो आइए जानते हैं कि देश के किस राज्य में लॉकडाउन को लेकर क्या है स्थिति…   दिल्ली दिल्ली में कोरोना के नये मामलों में कमी आने के बाद से अब लॉकडाउन में छूट देने की तैयारी की जा रही है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने एलान किया कि अभी 7 जून तक लॉकडाउन जारी रहेगा. हालांकि उन्होंने कहा कि इस दौरान बाजार खुलेंगे और दिल्ली मेट्रो का संचालन भी शुरू किया जाएगा. केजरीवाल ने ये भी… Continue reading Lockdown पर इन राज्यों में जारी रहेंगी पाबंदियां, जाने अपने राज्य का हाल

बिहार चुनाव : झारखंड के मुख्यमंत्री मिले लालू से, की चुनाव पर चर्चा

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव से आगामी बिहार चुनाव के लेकर उनसे मुलाकात की।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हुए होम क्वारंटाइन

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को खुद को होम क्वारंटाइन में रहने की अपील की गई है।

लॉकडाउन में ढील, लेकिन नियमों में छूट नहीं : सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को कहा कि घरों से बिना मास्क कोई भी बाहर नहीं निकले क्योंकि सरकार ने लॉकडाउन में छूट दी है

राज्यसभा चुनाव : झारखंड में होगी कांटे की टक्कर

नई दिल्ली। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होना है। सत्ताधारी महागठबंधन की एक सीट पर जीत तय है तो दूसरी सीट पर सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच कांटे का मुकाबला होने की उम्मीद है। महागबंधन ने पहली सीट के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिता और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के अध्यक्ष शिबू सोरेन को प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं, महागबंधन ने दूसरी सीट के लिए अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। कांग्रेस दूसरी सीट पर सहयोगी दलों के सहारे किसी प्रत्याशी को उतारने की तैयारी में है। भाजपा ने भी इस दूसरी सीट के लिए अपने उम्मीदवार का नाम अभी घोषित नहीं किया है। संख्या बल को देखें तो सत्तापक्ष के उम्मीदवार शिबू सोरेन का पहली सीट पर जीतना तो तय है, मगर दूसरी सीट पर कांटे की टक्कर होने के संकेत हैं। वजह यह है कि सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के पास दूसरी सीट के लिए जरूरी विधायकों की संख्या नहीं है। इसके लिए दोनों पक्षों से जोड़तोड़ की कोशिशें जारी हैं। झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में इस वक्त कुल 80 विधायक हैं। ऐसे में एक सीट जीतने के लिए कम से कम 27 विधायकों का समर्थन चाहिए। झामुमो, कांग्रेस… Continue reading राज्यसभा चुनाव : झारखंड में होगी कांटे की टक्कर

विधानसभा में विपक्ष का हंगामा असंवैधानिक : हेमंत

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में बजट सत्र के लगातार दूसरे दिन विपक्ष के हंगामे को असंवैधानिक करार दिया और कहा कि विपक्ष का विरोध

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