रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन ने एक बार फिर झारखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। वे तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को दिन में राज्य के 13वें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। हेमंत सोरेन 31 जनवरी को इस्तीफा देने के बाद राजभवन में ही गिरफ्तार हुए थे और अब जमानत पर जेल से छूटने के छठे दिन उन्होंने फिर राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके इस्तीफे के बाद सीएम बने चम्पई सोरेन ने बुधवार को इस्तीफा दिया था।
बहरहाल, गुरुवार को हेमंत सोरेन ने अकेले शपथ ली। जल्दी ही उनके मंत्रिमंडल की भी शपथ होगी। 24 साल के झारखंड में वे 13वें सीएम बने हैं। इसके साथ ही तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले वे तीसरे नेता बन गए हैं। उनसे पहले उनके पिता शिबू सोरेन और भाजपा नेता अर्जुन मुंडा तीन बार सीएम पद की शपथ ले चुके हैं। गौरतलब है हेमंत सोरेन ने 31 जनवरी को सीएम पद से इस्तीफा दिया था और उसी दिन गिरफ्तार हुए थे। उसके 156 दिन बाद उन्होंने फिर से शपथ ली।
तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद हेमंत सोरेन ने कहा- महागठबंधन की सरकार ने 2019 से जनता की भावनाओं के अनुरूप सारी कार्य योजनाएं कीं। राजनीतिक उतार चढ़ाव के बीच चम्पई सोरेन ने उसे आगे बढ़ाया क्योंकि मैं जेल में था। आज कोर्ट के आदेश से मैं बाहर आ पाया हूं। पुन: अपने कार्यभार को संभालते हुए अब आगे के काम किए जाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन ने कहा- हेमंत सोरेन को नई सरकार के गठन के लिए मैं बधाई देता हूं। हमें पूरी उम्मीद है कि वे सभी कार्यों को पूरा करेंगे।
झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने शपथ के बाद कहा- यदि आप संविधान के अनुसार चलें, तो संविधान हम सभी से गरीबों की समस्या का समाधान करने की अपेक्षा करता है, यही अपेक्षा मेरी नई सरकार से भी है। गौरतलब है कि राज्य में इस साल नवंबर में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। इस लिहाज से हेमंत सोरेन के फिर से मुख्यमंत्री बनने को काफी अहम माना जा रहा है।
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