सहयोगियों ने कांग्रेस को भाव नहीं दिया

एक तरफ भाजपा अपनी सहयोगी पार्टियों के नेताओं को राज्यसभा में भेज रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस अपनी सहयोगी पार्टियों के सामने झोली फैला कर खड़ी थी कि उसके नेता को राज्यसभा मिल जाए पर किसी सहयोगी पार्टी ने उसे घास नहीं डाली।

जेएमएम को ऐसे होगा नुकसान

झारखंड में टकराव की राजनीति शुरू हो गई है। दो महीने पहले चुनाव जीतने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा, जेएमएम के नेता हेमंत सोरेन ने ऐसा दिखाया था कि वे टकराव और बदले की राजनीति नहीं करेंगे। पर अब वे दोनों काम कर रहे हैं।

गांधी मैदान में कड़ाके की ठंड के बीच संपन्न हुआ 41वां झारखंड दिवस

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के तत्वावधान में आयोजित 41वां झारखंड दिवस कल देर रात आबुआ दिसोम-आबुआ राज्य के सपनों को जमीन पर उतारने के संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ।

झारखंड में जेएमएम, कांग्रेस, राजद तीनों नाराज

यह कमाल की बात है कि झारखंड में सरकार में शामिल तीनों पार्टियां नाराज हैं। तीनों पार्टियों के नेता परेशान हैं और इस बात को लेकर नाराज हैं कि उनके साथ अच्छा नहीं हो रहा है। 29 विधायकों के साथ मुख्यमंत्री बने हेमंत सोरेन ने अपने कोटे से पांच मंत्री बना लिए। यानी मुख्यमंत्री सहित उनके छह मंत्री हो गए और उन्होंने एक मंत्री पद खाली छोड़ दिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह उनके कोटे की सीट है। कांग्रेस के 16 विधायक हैं और उसके चार मंत्री बने हैं। कांग्रेस नेता इस बात को लेकर नाराज हैं कि उनको न तो सरकार में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिला और न कायदे का मंत्रालय मिला। मुख्यमंत्री ने सारे मलाईदार मंत्रालय अपने पास रख लिए। कांग्रेस के नेता इसके लिए प्रभारी आरपीएन सिंह पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। मंत्री बनाने के लिए और एक मंत्री पद कम लेने के सौदेबाजी के तमाम तरह के आरोप उनके ऊपर लग रहे हैं। मुख्यमंत्री और पांच मंत्री पद के साथ साथ सारे मलाईदार मंत्रालय जेएमएम के पास है पर उसके नेता इस बात से नाराज हैं कि हेमंत सोरेन को बार बार भाग कर दिल्ली जाना पड़ रहा है। ध्यान रहे मुख्यमंत्री बनने के बाद… Continue reading झारखंड में जेएमएम, कांग्रेस, राजद तीनों नाराज

झारखंड में जेएमएम, भाजपा का दावा

झारखंड में राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं और रिटायर हो रहे दोनों सांसद इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। ध्यान रहे 2014 के चुनाव में झारखंड से दो कारोबारी चुनाव जीते थे। कांग्रेस के समर्थन से राजद के नेता प्रेमचंद्र गुप्ता और भाजपा, आजसू की मदद से रिलायंस समूह से जुड़े निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी।

शिबू के स्थानीय नीति में बदलाव के बयान से झारखंड में मचा घमासान

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के राज्य की स्थानीय नीति में बदलाव किए जाने के बयान देकर झारखंड में राजनीतिक

झामुमो के रवींद्रनाथ महतो बने झारखंड विधानसभा के नए अध्यक्ष

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नाला से विधायक रवींद्रनाथ महतो पांचवें झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष आज चुन लिए गए।

झारखंड में सबसे दिलचस्प होगा चुनाव

राज्यसभा का चुनाव वैसे तो इस बार कई राज्यों में बेहद दिलचस्प होने वाला है पर झारखंड में, जहां सबसे हाल में विधानसभा का चुनाव हुआ है वहां राज्यसभा का चुनाव सबसे दिलचस्प होगा। इसका कारण यह है कि विधानसभा सीटों की संख्या के लिहाज से पार्टियों की स्थिति ऐसी है कि दूसरी सीट के लिए घमासान तय है। राज्य में दो सीटें खाली हो रही हैं। दोनों सीटें कारोबारियों की हैं। एक सीट कांग्रेस के समर्थन से राजद की टिकट पर जीते प्रेमचंद्र गुप्ता की है और दूसरी आजसू व भाजपा के समर्थन से जीते परिमल नाथवानी की है। ये दोनों या कम से कम नाथवानी जरूर एक सीट जीतने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे। राज्य में राज्यसभा की एक सी जीतने के लिए 28 वोट की जरूरत है। सत्तारूढ़ गठबंधन यानी झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद के 47 विधायक हैं। पर इसके अलावा सरकार को बाबूलाल मरांडी की पार्टी जेवीएम के तीन, सीपीआईएमएल के एक, एनसीपी के एक और निर्दलीय विधायक का समर्थन है। इस तरह सरकार के पास अभी 53 विधायकों का समर्थन है। अगर राज्यसभा चुनाव में यहीं स्थिति रही तो उसे दूसरी सीट जीतने के लिए तीन अतिरिक्त वोट की जरूरत होगी। पर राज्यसभा… Continue reading झारखंड में सबसे दिलचस्प होगा चुनाव

मरांडी के फैसले का होगा बड़ा असर

वसीम बरेलवी का शेर है- उसी को जीने का हक है जो इस जमाने में, इधर का लगता रहे और उधर का हो जाए। झारखंड के विधानसभा चुनाव के दौरान जेवीएम के नेता बाबूलाल मरांडी के लिए लग रहा था कि वे भाजपा की ओर हैं पर चुनाव के बाद वे जेएमएम के हो गए।

झारखंड में हेमंत मंत्रिमंडल को लेकर कवायद शुरू

झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद सरकार गठन की तैयारी शुरू हो गई है।

झामुमो, कांग्रेस, राजद में मंत्रिमंडल पर बनी सहमति

झारखंड विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कराने वाले महागठबंधन के बीच सरकार में भागीदारी को लेकर सहमति बन गई है। झारखंड के मनोनीत मुख्यमंत्री

मंत्री बनने की लॉबिंग शुरू

वैसे जेएमएम, कांग्रेस और राजद में नतीजे आने से पहले एक्जिट पोल आने के साथ ही मंत्री पद के लिए लॉबिंग शुरू हो गई थी। पर नतीजों के बाद अब लॉबिंग तेज हो गई है। तीनों पार्टियों के नेता अपने अपने इलाके और अपनी अपनी जाति के समीकरण के आधार पर मंत्री पद का दावा कर रहे हैं।

कांग्रेस, जेएमएम में मंत्रियों की संख्या तय!

झारखंड में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस, जेएमएम और राजद के गठबंधन की सरकार की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि इन तीनों पार्टियों ने सीट बंटवारे के साथ ही सरकार बनाने का फार्मूला भी तय कर लिया था। इसलिए नतीजों के बाद सरकार बनाने में किसी तरह की खींचतान के आसार नहीं हैं।

झारखंड : भाजपा, आजसू के रार से गठबंधन को हुआ लाभ

झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) का अलगाव कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के लिए काफी फायदे का साबित हुआ है।

किसी का भरोसा नहीं टूटने दूंगा, झारखंड में नया अध्याय शुरू होगा : हेमंत

झारखंड विधानसभा चुनाव में जीत की ओर अग्रसर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने इस जनादेश का सम्मान करते हुए सभी मतदाताओं का आभार जताया है।

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