अरविंद केजरीवाल मौके की तलाश में थे। पंजाब चुनाव से पहले उनको कोई ऐसा मुद्दा चाहिए था, जिस पर वे मध्य वर्ग को आकर्षित कर सकें। साथ ही अपनी राजनीतिक वापसी के लिए भी वे मौके की तलाश में थे। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर देश में जो हल्ला मचा है उससे उनको मौका मिल गया है। उन्होंने इसका राजनीतिक लाभ लेने का अभियान शुरू कर दिया है। उनकी आम आदमी पार्टी दिल्ली और पंजाब में इसे मुद्दा बना रही है और इस बीच उन्होंने देश की 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को चिट्ठी लिखी है।
केजरीवाल ने टोयोटा, मारूति सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियों को चिट्ठी लिख कर कहा है कि वे लिखित रूप से बताएं कि 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल यानी ई 20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन पर कोई असर नहीं हो रहा है। उन्होंने 2023 से पहले बनी गाड़ियों के बारे में यह सवाल पूछा है। इस बात की पूरी संभावना है कि कोई भी कंपनी यह दावा लिखित में नहीं करेगी कि 2023 से पहले बनी गाड़ियों के इंजन पर ई 20 पेट्रोल से कोई असर नहीं पड़ रहा है। उनके जवाब का इंतजार करके केजरीवाल आगे का दांव चलेंगे। बताया जा रहा है कि उनकी पार्टी ने ऐसे सैकड़ों मामले जुटाए हैं, जिनमें ई 20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन खराब हुए हैं। वे बीमा कंपनियों की ओर से दावा ठुकराने के मामले भी जुटा रहे हैं। इसके साथ ही बिना मिलावट वाले पेट्रोल की कीमत का मुद्दा भी जोड़ा जाएगा। आने वाले दिनों में केजरीवाल इसे बड़ा मुद्दा बनाएंगे।


