विशेष विमान से उड़ना राजनीतिक दलों के नेताओं लिए कोई नई बात नहीं है। छोटी पार्टियों के नेता भी विशेष विमान से उड़ान भरते हैं। चुनाव के समय तो निर्दलीय विधायक और सांसद को भी विशेष विमान पता नहीं कैसे जादू के जोर से उपलब्ध हो जाता है। इसलिए पश्चिम बंगाल में 15 साल तक राज करने वाली तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का विशेष विमान से उड़ना कोई बड़ी बात नहीं होनी चाहिए। आखिर पार्टी के अलग अलग खातों में डेढ़ हजार करोड़ रुपए होने की खबर है। कुछ विधायकों की शिकायत पर पार्टी के कुछ खातों पर रोक भी लगी है। फिर भी पार्टी के पास बहुत पैसे हैं। इसलिए अगर विशेष विमान पर पार्टी की ओर से डेढ़ सौ करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं तो यह बड़ी बात नहीं होनी चाहिए।
परंतु ऐसा लग रहा है कि भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार को यह बात हजम नहीं हो रही है। तभी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने इस बात को लेकर कई जगह छापे मारे हैं। कोलकाता की जिस कंपनी ने विशेष विमान उपलब्ध कराए उसके यहां छापे मारे गए। ईडी ने केयरवेल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के कोलकाता स्थित कार्यालय पर छापेमारी हुई है। कंपनी को तृणमूल कांग्रेस की ओर से अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच 160 करोड़ रुपए दिए हैं। ध्यान रहे इस तीन साल में लोकसभा और विधानसभा दोनों के चुनाव हुए हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी ने एक विमान खरीदने में 112 करोड़ रुपए का इस्तेमाल किया है। सोचें, ममता बनर्जी की पार्टी चुनाव हार गए। उनके विधायक तोड़ दिए गए। अलग अलग मामलों में परिवार के लोगों को बुलाया जा रहा है। 440 करोड़ का रुपए बैंक में फ्रीज कर दिए गए और अब ईडी की छापेमारी हो रही है। ऐसे लोकतंत्र मजबूत किया जा रहा है।


