श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी का विवाद तो चल ही रहा है लेकिन धीरे धीरे यह भी पता चल रहा है कि चढ़ावे में चोरी के अलावा और भी कई विवाद हैं। कई और जगह घोटाले की बात आ रही है। इसमें दो चर्चा सबसे खास है। पहली तो यह कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से तीन या चार कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिन पर 125 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। लखनऊ से संचालित हो रही एसआईटी की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। कहा जा रहा है कि वह सवा सौ करोड़ रुपए के आयोजनों की भी जांच करेगी। मंदिर के उद्घाटन से लेकर ध्वजारोहण तक के कार्यक्रम पर सवा सौ करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इसकी जांच से और भी कई चीजें खुलने की संभावना है।
इसी तरह दूसरा मामला दान में मिली चांदी को पिघलाने और उस पर हुए खर्च का मामला है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इसमें भी गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। बताया जा रहा है कि दान में मिली चांदी की वस्तुओं को पिघला कर उन्हें शुद्ध करने और ईंट की शक्ल देने के लिए दस क्विंटल यानी एक टन से कुछ ज्यादा चांदी हैदराबाद में सरकार की मिंट व प्रिंटिंग फैसिलिटी में भेजी गई थी। इसे भेजने पर एक लाख रुपए का खर्च आया था। ट्रस्ट के मुताबिक इसे पिघला कर ईंट बनाने में 20 लाख रुपए का खर्च हुआ और बाद में 10 क्विंटल चांदी शुद्ध होकर नौ क्विंटल हो गई। कई लोग इसमें गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं। जांच होगी इसका भी भेद सामने आएगा। अभी मंदिर निर्माण में हुई कथित गड़बड़ी और जमीन खरीदने में हुई गड़बड़ी का मामला भी जोर पकड़ रहा है।


