भाजपा सरकार में ऐसे कमाल कई बार हुए हैं। इसलिए जब केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के पीएस और दो एपीएस को एक साथ पद से हटाया गया तो हैरानी से ज्यादा दिलचस्पी पैदा हुई। आखिर ऐसा क्या हुआ कि अचानक तीन लोगों को एक साथ हटा दिया गया? कई लोगों ने इसे लेकर तरह तरह की कहानियां सोशल मीडिया में पोस्ट की। लेकिन ज्यादातर कहानियों में कोई दम नहीं है। क्योंकि अगर किसी गड़बड़ी की वजह से इनको हटाया गया है तो उनको आसानी से नहीं जाने दिया जाता। भूपेंद्र यादव इस मामले में सख्त मंत्री माने जाते हैं। इन अधिकारियों को बिना किसी कार्रवाई के सीधे हटा दिया गया है और वापस कैडर में भेज दिया गया है तो कारण कुछ और ही होगा। यह कहने का भी कोई आधार नहीं है कि कई मंत्रियों के यहां ऐसी सफाई होनी है और इस वजह से भी मंत्रिमंडल का विस्तार रूका हुआ है। फिर भी कुछ तो है, जिसकी पर्देदारी है।
बहरहाल, कारण जो भी रहा हो लेकिन यह दिलचस्प है कि भूपेंद्र यादव के पीएस अमर सिंह को हटा कर उनके कैडर में वापस भेज दिया गया है। वे 2010 बैच के भारतीय राजस्व सेवा यानी आईआरएस के अधिकारी हैं। जिस समय भूपेंद्र यादव श्रम व रोजगार मंत्री थे उस समय से अमर सिंह उनके साथ काम कर रहे थे। उनके अलावा एक एडिशनल पीएस शैलेश कुमार सिंह सेंट्रल सेक्रेटेरियट कैडर के थे, उनको भी हटा दिया गया है और डीओपीटी में रिपोर्ट करने को कहा गया है। एक अन्य एडिशनल पीएस आयुष शरण की सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
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