राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

विहिप को अपनी नहीं विपक्ष की जांच करानी है

Ram Mandir

हिंदी में एक पुरानी कहावत है कि ‘उलटा चोर कोतवाल को डांटे’। यह पिछले कुछ समय से भारत के समाज में आम हो गया है। यहां, जिसकी गलती पकड़ी जा रही है वह गलती पकड़ने वाले के खिलाफ मोर्चा खोल दे रहा है और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दे रहा है। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में भी ऐसा ही हो रहा है। ईमानदारी से और गहराई से जांच हो और चोरी का पूरा खुलासा हो इसकी मांग करने की बजाय विश्व हिंदू परिषद की ओर से इस बात की मांग की जा रही है कि चोरी के आरोप लगाने वाले विपक्षी नेताओं की जांच की जाए।

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने मांग की है कि अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल और प्रियंका गांधी वाड्रा की ओर से लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जाए और अगर आरोप गलत साबित होते हैं तो इन नेताओं पर कार्रवाई हो। सोचें, यह तेवर तब है, जब चोरी पकड़ी जा चुकी है और सरकारी आंकड़ों की मानें तब भी चोरी के 80 लाख रुपए बरामद हो गए हैं। इसके अलावा चोरों ने लाखों रुपए अलग अलग कामों में उड़ाए हैं, जमीनें खरीदी हैं, घर बनवाए हैं, गाड़ियां खरीदी हैं वह अलग है। यह रकम करोड़ों में बैठेगी। इसमें शामिल लोगों को सजा दिलाने की बजाय विहिप का निशाना उन लोगों पर है, जो आरोप लगा रहे हैं। हो सकता है कि विपक्ष के नेता सौ करोड़ की चोरी की बात कर रहे हों और चोरी आठ करोड़ की हुई हो तो क्या इसके लिए विपक्ष के नेताओं को सजा दिलाई जाएगी और आठ करोड़ की चोरी करने वालों को क्लीन चिट दी जाएगी? क्या इसके लिए विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया जाएगा कि आप तो सौ करोड़ कह रहे थे लेकिन चोरी तो दो, चार या आठ करोड़ की ही हुई है?

Tags :

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

two × 4 =