लालू प्रसाद की पार्टी राजद की स्थापना पांच जुलाई को हुई थी। इस साल पांच जुलाई को पार्टी के 30 साल पूरे हुए हैं। इस मौके पर रविवार, 30 जुलाए को स्थापना दिवस का कार्यक्रम मनाया गया है। हैरानी की बात है कि चार दिन पहले भी पार्टी का स्थापना दिवस मनाया गया था। उस दिन की कहानियां अलग दिलचस्प हैं। पार्टी के दो बड़े नेताओं अब्दुल बारी सिद्दीकी और उदय नारायण चौधरी ने लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव की मौजूदगी में कहा कि तेजस्वी को मेहनत करनी होगी, अपने घर के दरवाजे पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए खोलने होंगे और लालू प्रसाद की तरह मेल मुलाकात बढ़ानी होगी। इस पर तेजस्वी ने कहा कि अगर वे ऐसा करते हैं तो मंच पर बैठे नेताओं को भी पसीना बहाना होगा।
बहरहाल, यह पार्टी नेताओं की तेजस्वी से शिकायत थी, जो एक जुलाई के कार्यक्रम में जाहिर हुई। लेकिन सवाल है कि चार दिन के अंतराल पर दो बार पार्टी का स्थापना दिवस कार्यक्रम क्यों मनाया गया? ध्यान रहे पहली बार कार्यक्रम के बाद तेजस्वी यादव दिल्ली आ गए थे। कहा जा रहा था कि उनको परिवार के साथ यूरोप के दौरे पर जाना था इसलिए चार दिन पहले ही स्थापना दिवस कार्यक्रम मना लिया गया। लेकिन पांच जुलाई को तेजस्वी कार्यक्रम में मौजूद थे। सो, अब कहा जा रहा है कि बांकीपुर उपचुनाव की घोषणा ने तेजस्वी के कार्यक्रम में फेरबदल करा दी। पता नहीं हकीकत क्या है कि लेकिन अरसे बाद पटना में चार दिन के अंतराल पर राजद के दो कार्यक्रम हुए।


