केरल में विधानसभा की 140 सीटों के लिए वोटिंग हो चुकी है और कांग्रेस पार्टी पूरे भरोसे में है कि वह सरकार बनाने जा रही है। नौ अप्रैल को हुए मतदान से पहले केरल में कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए होड़ दिख रही थी। कहा जा रहा था कि आधा दर्जन सीएम दावेदार हैं और इस वजह से पार्टी को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही थी। लेकिन मतदान खत्म होने के बाद कहा गया कि तीन सीरियस दावेदार हैं। पहले नंबर पर पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल का नाम बताया जा रहा है। उनके अलावा रमेश चेन्निथला और वीडी सतीशन के नाम की चर्चा है।
लेकिन इसी बीच कांग्रेस के जानकार नेताओं ने कहना शुरू कर दिया है कि केसी वेणुगोपाल मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं। वे राहुल गांधी के साथ रहेंगे और कांग्रेस के संगठन महासचिव के तौर पर काम करते रहेंगे। कांग्रेस मल्लिकार्जुन खड़गे को अध्यक्ष और वेणुगोपाल को संगठन महासचिव बनाए रख कर ही 2029 के चुनाव की तैयारी कर रही है। कहा जा रहा है कि 2029 के चुनाव के बाद वेणुगोपाल के केरल जाने के बारे में सोचा जा सकता है। हालांकि कई लोग इसे वेणुगोपाल विरोधी खेमे का प्रचार बता रहे हैं। लेकिन यह सवाल तो है कि अगर इस समय वेणुगोपाल केरल चले जाएंगे तो राहुल गांधी किसको संगठन की जिम्मेदारी सौपेंगे? क्या प्रियंका गांधी वाड्रा को संगठन महासचिव बनाया जा सकता है?


