Kerala

  • केरल के राज्यपाल की अलग राजनीति

    एक तरफ तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि अभिभाषण पढ़े बगैर विधानसभा के सत्र से निकल जाते हैं तो इस बार केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने अलग ही कमाल किया। उन्होंने अभिभाषण के दो पैराग्राफ के कुछ हिस्से पढ़े ही नहीं। उन्होंने अभिभाषण पढ़ा लेकिन दो हिस्से छोड़ दिए और चले गए। उनके चले जाने के बाद सरकार की ओर से बताया गया कि राज्यपाल ने पैरा नंबर 12 का शुरुआती हिस्सा और पैरा नंबर 15 का आखिरी हिस्सा नहीं पढ़ा है। इन दोनों पैराग्राफ में केंद्र सरकार की और उनकी खुद की आलोचना की गई है। उनके चले...

  • संघीय टकराव के मोर्चे

    परंपरा यही है कि अभिभाषण निर्वाचित सरकार तैयार करती है। राष्ट्रपति/ राज्यपाल सरकार के प्रतीकात्मक प्रमुख के तौर पर उसे पढ़ते भर हैं। लेकिन वर्तमान में लोकतंत्र और संघीय व्यवस्था के तहत ऐसे स्थापित कायदे तार-तार किए जा रहे हैं। तमिलनाडु और केरल में मंगलवार को परोक्ष रूप से केंद्र और प्रत्यक्ष रूप से राज्य सरकार के बीच टकराव नए मुकाम पर पहुंचा। तमिलनाडु के राज्यपाल एन.आर. रवि ने विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत के मौके पर लगातार चौथी बार राज्य सरकार की तरफ से तैयार अभिभाषण को पढ़ने से इनकार कर दिया। तब मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अभिभाषण...

  • केरल का नाम केरलम होगा

    भारतीय जनता पार्टी केरल में अभी तक के इतिहास में सिर्फ एक विधानसभा सीट जीती है और एक ही लोकसभा सीट जीत पाई है। पहली बार तिरूवनंतपुरम में उसका मेयर बना है। लेकिन नाम बदलने की अपनी राजनीति केरल तक पहुंचा दी है। भाजपा ने कहा है कि केरल का नाम बदल कर केरलम किया जाना चाहिए। उसके नेता वादा कर रहे हैं कि भाजपा की सरकार बनी तो केरल का नाम केरलम किया जाएगा। अभी तक सड़कों, रेलवे स्टेशनों, शहरों या राज्यों की राजधानियों के नाम बदल रहे थे, जैसे मद्रास का नाम चेन्नई और बॉम्बे का नाम मुंबई...

  • केरल में भाषा का नया विवाद

    उत्तर भारत के लोगों के लिए दक्षिण भारत का मतलब एक भौगोलिक क्षेत्र होता है। वे तमिल, मलयालम, कन्नड़ या तेलुगू का फर्क आमतौर पर नहीं देखते हैं। दूसरी बात यह है कि हिंदी और तमिल या हिंदी और कन्नड़ विवाद को हमेशा उत्तर और दक्षिण भारत के टकराव की तरह देखा जाता है। लेकिन केरल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाषा का नया विवाद सामने आया है। यह हिंदी बनाम मलयालम का विवाद नहीं है, बल्कि मलयालम बनाम कन्नड़ का विवाद है और इसमें राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की स्थिति सांप छुछुंदर वाली हो गई है।...

  • केरल में कांग्रेस को क्या भाजपा से लड़ना है?

    केरल में क्या कांग्रेस पार्टी की लड़ाई भारतीय जनता पार्टी से है या लेफ्ट फ्रंट से है? जब लड़ाई 10 साल से शासन संभाल रहे लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी एलडीएफ के साथ है तो फिर स्थानीय निकाय चुनावों के बाद कांग्रेस की ओर से भाजपा को जवाब देने की इतनी हड़बड़ी क्या थी? कांग्रेस के संगठन महासचिव यानी केसी वेणुगोपाल ने बहुत विस्तार से भाजपा को जवाब दिया। उनको इस बात से आपत्ति थी कि भाजपा कैसे केरल में स्थानीय निकाय चुनावों में अपनी जीत का ढोल बजा रही है। यह सही है कि भाजपा को कोई बड़ी जीत नहीं...

  • केरल स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण में जोरदार मतदान

    केरल में स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण में मंगलवार को सात जिलों में जोरदार मतदान दर्ज किया गया। सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी-लंबी कतारें दिखाई दीं। मतदान सुबह 7 बजे मॉक पोलिंग के बाद शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक जारी रहेगा।  निर्वाचन आयोग के अनुसार, दोपहर तक कुल मतदान प्रतिशत 47 प्रतिशत पार कर गया था, जो लोगों की उत्साहपूर्ण सहभागिता का संकेत है। पहले चरण में तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम में मतदान जारी है। इन चुनावों में तीन नगर निगम, 39 नगरपालिकाएं, सात जिला पंचायतें, 75 ब्लॉक पंचायतें और...

  • केरल का गरीबी मिटाने का दावा क्यो अंहम?

    केरल सरकार के दावे की स्वतंत्र पुष्टि की जरूरत बनी हुई है, इसके बावजूद यह कहा जाएगा कि एलडीएफ सरकार neo-liberal fundamentalism से निकल कर एक वास्तविक एवं बुनियादी समस्या को देखने और समझने की ओर आगे बढ़ी है। इसलिए उसके दावे पर गंभीर चर्चा एवं बहस की जरूरत है, ताकि देश उस वैचारिक गतिरोध से निकल सके, जिसमें सामान्यतः पिछले साढ़े तीन दशक और विशेषतः गुजरे 11 साल की सरकारी नीतियों ने उसे जकड़ रखा है। केरल की लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार का राज्य में चरम गरीबी को खत्म कर देने का दावा महत्त्वपूर्ण खबर है। बल्कि भारत...

  • निष्पक्ष पुष्टि जरूरी है

    केरल के तमाम लोगों को चरम गरीबी से मुक्त करने के सरकारी दावे के निष्पक्ष परीक्षण की जरूरत बनी हुई है। अपेक्षित है कि राज्य सरकार इसके लिए संयुक्त राष्ट्र या विश्व बैंक जैसी किसी एजेंसी को आमंत्रित करे। केरल सरकार अगले एक नवंबर को एक समारोह में एलान करेगी कि राज्य को चरम गरीबी से मुक्त कर दिया गया है। इस तरह ये उपलब्धि हासिल करने वाला केरल पहला राज्य बनेगा। बताया गया है कि 2021 में सत्ता मे वापसी के बाद कैबिनेट की पहली बैठक में वाम लोकतांत्रिक मोर्चे की सरकार ने मौजूदा कार्यकाल में चरम गरीबी खत्म...

  • केरल में एक करोड़ वोट कटने का डर

    बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का विरोध करने वाले संगठनों और बिहार की पार्टियों का कहना है कि उन्होंने विरोध किया, सड़क पर लड़े और कानूनी लड़ाई लड़ी इसलिए 69 लाख नाम कटे हैं अन्यथा डेढ़ करोड़ से ज्यादा नाम काटने की योजना थी। पार्टियों का कहना है कि एसआईआर की घोषणा से पहले चुनाव आयोग से मुलाकात हुई थी, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा था कि बिहार में 20 फीसदी वोट कटेगा। 20 फीसदी वोट का मतलब करीब एक करोड़ 60 लाख वोट है। उस समय मतदाता सूची में सात करोड़...

  • बंगाल के बाद केरल के लोगों पर अत्याचार!

    यह संयोग है या कोई प्रयोग, इसका पता तो बाद में चलेगा लेकिन अभी पश्चिम बंगाल के बाद केरल के लोगों पर अत्याचार की खबर आई है और वह भी दिल्ली में। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पिछले कुछ दिनों से कई बार आरोप लगा चुकी हैं कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर में बांग्ला बोलने वाले लोगों पर अत्याचार हो रहा है और वहां से निकाला जा रहा है। बिल्कुल इसी तरह का आरोप केरल में सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक अलायंस की ओर से लगाया जा रहा है। सीपीएम के सांसद जॉन ब्रिटास ने...

  • केरल में कांग्रेस नेताओं की दावेदारी

    अगले साल अप्रैल में केरल में विधानसभा का चुनाव होने वाला है। वहां के कांग्रेस नेता इस बात से खुश हैं कि मुख्यमंत्री पद का एक दावेदार कम हो गया। शशि थरूर की राजनीति ने उनको कांग्रेस आलाकमान से दूर कर दिया है और इस तरह वे मुख्यमंत्री पद की दावेदारी से भी दूर हो गए हैं। उनके दूर होने के बाद भी दावेदारी की संख्या बड़ी लंबी है। प्रदेश के तमाम बड़े नेता, जो कभी सीएम पद के दावेदार रहे हैं वे तैयारी कर रहे हैं लेकिन उनको केसी वेणगोपाल का खतरा दिख रहा है। उनको लग रहा है...

  • केरल में एसआईआर का विरोध क्यों?

    बिहार में जहां मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर हुआ है वहां मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने कहा कि उसका विरोध एसआईआर से नहीं था, बल्कि उसकी प्रक्रिया से था। जब सुप्रीम कोर्ट ने आधार को सत्यापन के दस्तावेज के तौर पर स्वीकार करने का आदेश दे दिया और जिनके नाम गलत तरीके से कटे थे उनको ऑनलाइन आवेदन करने की मंजूरी दे दी तो उसके बाद विपक्ष का विरोध समाप्त हो गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को विपक्ष ने अपनी जीत बताते हुए इसका स्वागत किया। लेकिन दूसरी ओर केरल में भाजपा विरोधी सभी पार्टियां,...

  • केरल में चुनाव लड़ने का नया मॉडल

    विपक्षी पार्टियां जिस बात के आरोप लगा रही थीं, भाजपा के नेता उन आरोपों की पुष्टि कर रहे हैं। केरल में विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि त्रिशूर से भाजपा के जीते हुए सांसद सुऱेश गोपी उस इलाके के रहने वाले नहीं हैं और वोट बनवाने के लिए उस इलाके में रहने की अनिवार्य शर्त पूरी करने की अवधि से पहले ही उनका वोट बन गया था। यह मामला अदालत तक पहुंचा है। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि त्रिशूर सीट भाजपा इसलिए जीती क्योंकि उसने बाहर से लोगों को लाकर इस क्षेत्र में बसाया और उनके वोट डलवाए।...

  • केरल में कांग्रेस की समस्या

    केरल में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की चिंता बढ़ रही है। पार्टी के अंदर गुटबाजी कम नहीं हो रही है तो दूसरी ओर भाजपा ऐसी राजनीति कर रही है, जिसका परोक्ष रूप से यह मकसद दिख रहा है कि सीपीएम के नेतृत्व वाला गठबंधन भले जीत जाए लेकिन कांग्रेस नहीं जीतनी चाहिए। हालांकि एक सीट के उपचुनाव में कांग्रेस की जीत ने पार्टी नेताओं को हौसला बढ़ाया है कि लेकिन शशि थरूर प्रकरण से लेकर पार्टी के दूसरे नेताओं के बीच भी अंदरुनी खींचतान जारी है। कांग्रेस के ज्यादातर नेता राहुल गांधी के करीबी केसी वेणुगोपाल को पसंद नहीं...

  • केरल में पहली से हिंदी अनिवार्य करने की सिफारिश

    महाराष्ट्र में पहली क्लास से हिंदी अनिवार्य करने का फैसला हुआ तो उसका इतना विरोध हुआ कि सरकार को फैसला वापस लेना पड़ा। इसके बावजूद आंदोलन शुरू हो गया। हिंदी अनिवार्य करने के फैसले ने उद्धव और राज ठाकरे को एक कर दिया उधर तमिलनाडु में अलग हिंदी विरोध का आंदोलन चल रहा है। कर्नाटक में भी हिंदी का विरोध हो रहा है। लेकिन इनसे अलग केरल में जहां अधिकतर आबादी मलयालम भाषा बोलने वाली है वहां पहली क्लास से हिंदी अनिवार्य करने पर विचार हो रहा है। ध्यान रहे केरल में हिंदी विरोध कभी भी राजनीति का मुद्दा नहीं...

  • केरल की सड़कों पर भगवा झंडा और भारत माता

    केरल में भारतीय जनता पार्टी नैरेटिव चुनाव का नैरेटिव सेट करने में लग गई है। उसका नैरेटिव भारत माता का है। हाथ में भगवा झंडा लिए भारत माता की तस्वीर राजभवन के हर कार्यक्रम में लगाई जा रही है। पहला कार्यक्रम जिसमे ऐसी तस्वीर लगी थी उसका राज्य सरकार ने बहिष्कार किया। दूसरे कार्यक्रम में से भी राज्य सरकार के मंत्री बाहर निकल गए और बाहर निकल कर कहा कि राजभवन में राजनीति हो रही है। कुल मिला कर अभी तक तीन बार इसका विवाद हो चुका है और उसके बाद राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी...

  • थरूर की केरल में पोजिशनिंग

    कांग्रेस पार्टी के सांसद शशि थरूर की अपनी पार्टी से दूरी बढ़ रही है और केंद्र सरकार व भाजपा से नजदीकी बढ़ रही है। लेकिन सवाल है कि इसका क्या फायदा होगा? क्या भाजपा उनको केंद्र सरकार में मंत्री बना देगी या केरल में मुख्यमंत्री का दावेदार बना कर पेश करेगी? इसमें संदेह है। अगर वे भाजपा में जाते हैं तो उनको तिरूवनंतपुरम से इस्तीफा देना होगा। पिछली बार इस सीट पर चुनाव में भाजपा के राजीव चंद्रशेखर ने उनको कड़ी टक्कर दी थी। वे अब प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हैं और उन्होंने राज्य में भाजपा की सरकार बनाए बगैर...

  • ईडी की कार्रवाई से केरल में किसको लाभ?

    अगर केरल में केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी कार्रवाई करती है और मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन की बेटी टी वीणा को गिरफ्तार करती है तो इसका क्या असर होगा? राज्य में अगले साल मई में विधानसभा का चुनाव होने वाला है और उससे पहले ईडी का शिकंजा कस रहा है। हालांकि वीणा ने कहा है कि उन्हें केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई की कोई परवाह नहीं है। उनके ऊपर आरोप है कि उनकी आईटी की कंपनी का राज्य सरकार के उपक्रम से सौदा था और उसमें ज्यादा भुगतान किया गया। वीणा का कहना है कि उनके सारे कागज ठीक हैं और...

  • चुनाव से पहले एजेंडे की तलाश में पार्टियां

    इस साल के अंत में बिहार विधानसभा का चुनाव होना है और अगले साल मई में पांच राज्यों, पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में चुनाव होगा। (elections agenda 2026) इन छह राज्यों के चुनावों की तैयारियां अभी से हो रही हैं। सभी पार्टियों ने कमर कस ली है और अभी से एजेंडा तय हो रहा है। बिहार चुनाव सात महीने बाद हैं लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में डेरा डालने की बात कह कर चुनाव की तैयारियों का आभास करा दिया है। इन छह राज्यों के चुनाव से पहले एक बड़ा सवाल यह है कि...

  • केरल में लेफ्ट और भाजपा की दोस्ती!

    कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि केरल में सरकार चला रही कम्युनिस्ट पार्टी का भाजपा के साथ अंदरखाने तालमेल है। वैसे इस तरह के आरोप सभी पार्टियां एक दूसरे पर लगाती रहती हैं लेकिन क्या यह सिर्फ आरोप है या इसमें दम है? यह सवाल इसलिए है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से सीपीएम और भाजपा के बीच जुबानी जंग शांत है और दोनों एक दूसरे के प्रति सद्भाव दिखा रहे हैं। दो दिन के भीतर इसकी दो मिसाल देखने को मिली। मंगलवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने दिल्ली में केरल भवन में अपनी पार्टी के राज्यसभा सांसदों...

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