प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से मंत्रिपरिषद की बैठक की है और मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा हुई है तब से मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा चल रही। 20 जून तक फेरबदल की बात कही जा रही है और उससे पहले नितिन नबीन की टीम के गठन की चर्चा है। कहा जा रहा है कि मोदी सरकार के कई मंत्री, जिनको संगठन के काम का बहुत अनुभव है और जो हर जगह चुनाव जिताने में महारत रखते हैं उनको संगठन में भेजने की चर्चा है। कहा जा रहा है कि सरकार में नए चेहरों के लिए जगह बनाई जा रही है। उत्तर प्रदेश और बिहार से नए चेहरे सरकार में लाए जा सकते हैं। चर्चा तो राघव चड्ढा को भी मंत्री बनाने की थी। लेकिन उनको पिछले दिनों संसद की याचिका समिति का अध्यक्ष बना दिया गया। उसके बाद उनकी चर्चा थम गई है। फिर सवाल है कि क्या अरविंद केजरीवाल की पार्टी छोड़ कर भाजपा में आए नेताओं में से किसी को मंत्री नहीं बनाया जाएगा?
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी के मंत्री बनने की चर्चा है। इसी तरह उत्तर प्रदेश से एक दूसरे ब्राह्मण नेता हरीश द्विवेदी की भी चर्चा हो रही है। हालांकि यह सुनने में आ रहा है कि हरीश द्विवेदी को नितिन नबीन की टीम में महासचिव बनाया जा सकता है। जो हो इन दोनों ब्राह्मण नेताओं को कुछ बड़ा मिलने की चर्चा है। हर बार की तरह तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई को राज्यसभा भेजने और केंद्र में मंत्री बनाने की चर्चा है। लेकिन उससे पहले उनको राज्यसभा भेजना होगा। बिहार से नए चेहरे के तौर पर विवेक ठाकुर के नाम की चर्चा है। लेकिन मुश्किल यह है कि उनको मंत्री तभी बनाया जाएगा, जब गिरिराज सिंह की विदाई होगी। उत्तराखंड में चुनाव से पहले भाजपा के मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है तो अनुराग ठाकुर की सरकार में वापसी की भी खबरें हैं।


