नीतीश कुमार अभी तुरंत मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देने जा रहे हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि वे 10 अप्रैल के बाद ही पद छोड़ेंगे। पटना में पिछले कई दिन से इस बात की चर्चा थी कि नीतीश कुमार दिल्ली जाने से पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। जब यह तय हुआ कि 30 मार्च को वे विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देंगे तब भी कहा गया कि वे जल्दी ही मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे देंगे। भाजपा नेताओं को उम्मीद थी कि नीतीश कुमार दिल्ली में राज्यसभा की सदस्यता लेने से पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
जनता दल यू के जानकार नेताओं का कहना है कि 10 या 11 अप्रैल को नीतीश कुमार बिहार से चुने गए बाकी चार राज्यसभा सांसदों के साथ शपथ लेंगे। उसके बाद वे दिल्ली से पटना लौटेंगे और तब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। लेकिन उससे पहले नए मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कहा जा रहा है कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार ज्यादा दिन तक पद पर नहीं रहेंगे। एक टाइमलाइन के मुताबिक 16 अप्रैल तक राज्य में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होनी है। बिहार में अप्रैल महीने के मध्य में इतिहास बनेगा। पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री शपथ लेगा। 20 साल तक मुख्यमंत्री रहने के बाद नीतीश कुमार विदा होंगे। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार के दिल्ली में शपथ लेकर लौटने के बाद ही उनकी पार्टी की विधानमंडल दल की बैठक होगी, जिसमें नेता का चुनाव होगा। भाजपा विधानमंडल दल के नेता सम्राट चौधरी हैं हालांकि उनको फिर से नेता चुना जाएगा। जदयू में नीतीश कुमार के बेटे निशांत को नेता चुने जाने की संभावना है। उसके बाद एनडीए की बैठक में भाजपा के नेता को एनडीए विधायक दल का नेता चुना जाएगा।


