ऐसा लग रहा है कि अरविंद केजरीवाल चौंकाने वाला कोई फैसला कर सकते हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि वे पंजाब में समय से पहले चुनाव करा सकते हैं। ध्यान रहे पंजाब में अगले साल मार्च में चुनाव होने वाला है। बताया जा रहा है कि केजरीवाल उससे पहले नवंबर में चुनाव कराना चाहते हैं। अगर ऐसा है तो उनको अभी तुरंत विधानसभा भंग करानी होगी। केजरीवाल ने इसकी शुरुआत करा दी है। उन्होंने अचानक पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को अगले चुनाव के लिए पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया। अभी सीएम फेस घोषित करने की जरुरत नहीं थी। तभी यह चर्चा शुरू हुई कि अब विधानसभा भंग करने की सिफारिश भगवंत मान कर सकते हैं।
ध्यान रहे अगर अभी विधानसभा भंग होती है तभी छह महीने के भीतर यानी नवंबर या दिसंबर तक चुनाव होगा। अगर इसमें देरी होगी तो फिर मामला चुनाव आय़ोग के हाथ में चला जाएगा। तब चुनाव आयोग अगले साल मार्च में होने वाले अन्य राज्यों के चुनाव के साथ ही चुनाव कराएगा। ऐसा लग रहा है कि केजरीवाल तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव का दांव आजमाना चाहते हैं। चंद्रशेखर राव मई 2014 में पहली बार जीत कर सीएम बने थे। उनका चुनाव लोकसभा के साथ मई 2019 में होना था लेकिन उन्होंने 2018 के मध्य में विधानसभा भंग करा कर अक्टूबर में चुनाव कराया था और जीत गए थे। उनकी पार्टी का मानना था कि लोकसभा और कई राज्यों क चुनाव कराने पर उनके एजेंडे का असर भी चुनाव पर होता है। केजरीवाल को भी ऐसा लग रहा है कि अगर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के साथ पंजाब का चुनाव होगा तो उस माहौल में उन राज्यों का असर पंजाब पर भी हो सकता है। इसलिए वे इसी साल अलग और अकेले चुनाव कराने का दांव चल सकते हैं।
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