KCR

  • केसीआर की बेटी कविता की सक्रियता

    तेलंगाना के नंबर एक परिवार यानी के चंद्रशेखर राव के परिवार की कलह सतह पर आ गई है। उनकी बेटी के कविता खुल कर स्वतंत्र रूप से राजनीति करने लगी हैं और उधर पार्टी के अंदर केसीआर का उत्तराधिकार उनके बेटे केटी रामाराव को सौंपने की तैयारी चल रही है। इसके बीच कविता अपने को पिता के उत्तराधिकारी के तौर पर स्थापित करने के अभियान में लगी हैं। उन्होंने 17 जुलाई को रेल रोको आंदोलन का ऐलान किया है। इसको लेकर उन्होंने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और ऐलान किया कि 17 जुलाई के दक्कन से एक भी ट्रेन दिल्ली...

  • केसीआर निपटाएंगे परिवार और पार्टी का झगड़ा

    भारत राष्ट्र समिति यानी बीआरएस के नेता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव लंबे समय के बाद जनता के सामने आए। वे बुधवार, 11 जून को कोलावरम बांध परियोजना से जुड़े कथित घोटाले की जांच कर रही एजेंसी के सामने पेश हुए। उन्होंने इस मामले में अपनी सरकार के फैसले को सही ठहराया। लेकिन असली बात उनकी जनता के बीच मौजूदगी थी। पार्टी ने उनके लिए जबरदस्त बंदोबस्त किए थे। भारी भीड़ जुटाई गई थी और वे रोड शो करते हुए घर से निकले। उनको जैसा रिस्पांस मिला उससे पार्टी के नेताओं ने राहत की सांस ली और...

  • केसीआर के बेटी कविता की नाराजगी

    तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव यानी केसीआर की बेटी के कविता नाराज हैं। पहले केसीआर के भतीजे के नाराज होने की खबर आई थी और अब राज्य विधान परिषद की सदस्य के कविता अपने पिता के आसपास के लोगों से नाराज हैं। अमेरिका से लौटीं कविता ने कहा है कि उनके पिता देवता हैं लेकिन उनके आसपास राक्षसों का घेरा है। पता नहीं उनका इशारा किस ओर था लेकिन कई लोग उनके भाई केटी रामाराव से जोड़ कर देख रहे हैं क्योंकि इन दिनों केसीआर पूरी तरह से केटीआर के नियंत्रण में हैं और उनको पार्टी सौंपने की...

  • केसीआर के बेटे और भतीजे का विवाद

    तेलंगाना में पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव अपने बेटे केटी रामाराव यानी केटीआर को पार्टी की पूरी कमान सौंपना चाहते हैं। अभी भी केटीआर ही पार्टी संभाल रहे हैं लेकिन चंद्रशेखर राव राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। जब से बेटे केटीआर को कमान सौंपने की तैयारी उन्होंने शुरू की है तब से उनके भतीजे के हरीश राव नाराज बताए जा रहे हैं। ध्यान रहे चंद्रशेखर राव ने अपने भतीजे को भी राजनीति और सरकार में पर्याप्त तरजीह दी थी। यह भी कहा जाता है कि महाराष्ट्र के दिग्गज नेताओं को भतीजों जैसे राज ठाकरे, अजित पवार...

  • तेलंगाना में केसीआर का फिर शोर?

    सोशल मीडिया में केसीआर की हालिया रैली की बड़ी चर्चा रही है। एक यूजर ने लिखा, “केसीआर तेलंगाना के आइकन हैं, उनकी लोकप्रियता अभी भी बरकरार है।” 2023 की हार के बाद उनकी यह वापसी बीआरएस को फिर से संगठित करने और आगामी चुनावों में कांग्रेस और बीजेपी को चुनौती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। अलग तेलंगाना राज्य बनवाने का संघर्ष करने वाले नेता के चंद्रशेखर राव लगभग दो वर्ष के बाद फिर राजनैतिक हुंकारे मारते हुए है। भारत राष्ट्रीय समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष केसीआर ने चुनीव हारने के बाद दो वर्षीय एकांतवास को हाल मेमं तोड़ा...

  • केसीआर 48 घंटे प्रचार नहीं कर पाएंगे

    नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति के नेता के चंद्रशेखर राव यानी केसीआर के ऊपर आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने उनको 48 घंटे तक प्रचार करने से रोक दिया है। कांग्रेस की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। इस बार के चुनाव में वे दूसरे नेता हैं, जिनके खिलाफ आयोग ने इस तरह की कार्रवाई की है। इससे पहले हेमामालिनी पर दिए बयान को लेकरकांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला के खिलाफ ऐसी ही कार्रवाई की गई थी। बहरहाल, चुनाव आयोग ने केसीआर पर कांग्रेस...

  • महाराष्ट्र की राजनीति से अब दूर केसीआर

    पिछले साल तेलंगाना विधानसभा चुनाव से कुछ पहले तक के चंद्रशेखर राव ने अपना प्रदेश छोड़ कर महाराष्ट्र में ज्यादा मेहनत की थी। उन्होंने पूरे प्रदेश में प्रचार किया था। बड़ी बड़ी रैलियां की थीं। सैकड़ों गाड़ियों के साथ वे तेलंगाना से महाराष्ट्र पहुंचते थे और रोड शो करते थे। उन्होंने महाराष्ट्र में नारा दिया था- अबकी बार किसान सरकार। उन्होंने अपने राजनीतिक कार्यक्रमों से कांग्रेस के साथ साथ एनसीपी नेता शरद पवार की नींद उड़ाई थी। तेलंगाना से सटे महाराष्ट्र के इलाकों में उनका असर दिखने लगा था। कांग्रेस और एनसीपी के नेता पाला बदल कर उनके साथ जा...

  • केसीआर अपनी पार्टी का नाम फिर बदलेंगे

    तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति के नेता के चंद्रशेखर राव यानी केसीआर एक बार फिर अपनी पार्टी का नाम बदल सकते हैं। उन्होंने पिछले साल के विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा दांव चला था और अपनी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति का नाम बदल कर भारत राष्ट्र समिति कर दिया था। उन्होंने राज्य के मतदाताओं को यह मैसेज देने का प्रयास किया था कि वे अखिल भारतीय राजनीति कर रहे हैं और तेलंगाना की जनता उनका साथ देती है तो वे प्रधानमंत्री भी बन सकते हैं। उन्होंने इसके लिए पूरे देश का दौरा किया था और तमाम विपक्षी...

  • आंध्र के मुख्यमंत्री जगन ने की केसीआर से मुलाकात

    Jagan Mohan Reddy :- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने गुरुवार को तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव से मुलाकात की, जो पिछले महीने हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। विशेष विमान से हैदराबाद पहुंचे जगन मोहन रेड्डी बंजारा हिल्स स्थित केसीआर के आवास पर गए और उनसे मुलाकात की। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) प्रमुख ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) अध्यक्ष को गुलदस्ता और शॉल भेंट किया और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। दिलचस्प बात यह है कि जगन ने केसीआर से उस दिन मुलाकात की जब उनकी बहन वाई.एस. शर्मिला...

  • केसीआर पर मोदी का बड़ा हमला

    हैदराबाद। तेलंगाना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार तीन दिन तक धुआंधार प्रचार किया। वे तीन दिन तेलंगाना में रूके और कई जनसभाएं कीं। अपनी यात्रा के तीसरे और आखिरी दिन सोमवार को उन्होंने भाजपा की चुनावी रैलियों में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव पर बड़ा हमला किया। प्रधानमंत्री मोदी ने महबूबाबाद में जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव यानी केसीआर चुनाव में भाजपा से हाथ मिलाना चाहते थे लेकिन मोदी ने इसके लिए मना कर दिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- केसीआर को भाजपा की बढ़ती ताकत का अहसास बहुत पहले ही...

  • चंद्रशेखर राव को घेरने का उपाय

    तेलंगाना में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की सीट पर चुनाव दिलचस्प हो गया है। उन्होंने अगस्त में जब 115 उम्मीदवारों की घोषणा की थी उसी समय बताया गया था कि मुख्यमंत्री राव खुद दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कामारेड्डी और गजवेल सीट से लड़ने का ऐलान किया था। बाद में कहा गया कि वे एक और सीट लड़ सकते हैं लेकिन राव की पार्टी ने अटकलों पर विराम लगा दिया। अब वे दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं और भाजपा व कांग्रेस दोनों ने उनको इन दोनों सीटों पर घेरने पर इंतजाम किया है। दोनों पार्टियों ने सीएम...

  • तेलंगाना में केसीआर पर राहुल का हमला

    हैदराबाद। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को तेलंगाना के खम्मम में एक बड़ी सभा की और मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव पर तीखा हमला किया। राहुल ने केसीआर और भाजपा में साठ-गांठ होने का दावा करते हुए कहा कि केसीआर का रिमोट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है। उन्होंने केसीआर की पार्टी भारत राष्ट्र समिति को भाजपा की बी टीम बताया और कहा कि उन्होंने विपक्षी एकता के लिए काम कर रहे सभी नेताओं से कह दिया कि वे बीआरएस के साथ कहीं भी मंच साझा नहीं करेंगे और न तालमेल करेंगे। राहुल गांधी की रविवार को हुई जन गर्जना...

  • तेलंगाना में घमासान की तैयारी

    कांग्रेस पार्टी ने भारत राष्ट्र समिति के प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की नींद उड़ाई है। असल में कर्नाटक विधानसभा के चुनाव नतीजों के बाद भाजपा और बीआरएस दोनों की चिंता बढ़ी है। कर्नाटक का सबसे ज्यादा असर तेलंगाना पर होता दिख रहा है। कांग्रेस में जान लौट आई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी के ऊपर कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का हाथ है। उधर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की बहन वाईएस शर्मिला की वाईएसआर तेलंगाना पार्टी के साथ कांग्रेस की तालमेल की बात हो रही है। सो, कांग्रेस को...

  • केसीआर ने महाराष्ट्र में दिखाई ताकत

    मुंबई। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने महाराष्ट्र में शक्ति प्रदर्शन किया है। वे पिछले कुछ समय से लगातार महाराष्ट्र का दौरा कर रहे हैं। सोमवार को वे भारी भरकम काफिले के साथ दो दिन के दौरे पर महाराष्ट्र पहुंचे। उन्होंने ‘अबकी बार, किसान सरकार’ का नारा दिया है और महाराष्ट्र के किसानों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। चंद्रशेखर राव सोमवार को छह सौ से ज्यादा गाड़ियों के काफिले के साथ सोलापुर पहुंचे। नकी पार्टी के नेता, मंत्री, सांसद विधायक आदि भी उनके साथ थे। हैदराबाद के प्रगति भवन से सोलापुर के लिए शुरू हुई उनकी यात्रा...

  • कांग्रेस-आप का झगड़ा सबसे बड़ा मुद्दा

    पटना में 23 जून को होने वाली बैठक में क्या कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का झगड़ा सबसे बड़ा मुद्दा बनेगा? बैठक की तैयारियों से जुड़े बिहार के एक जानकार नेता ने कहा है कि किसी भी हाल में अरविंद केजरीवाल को बैठक का एजेंडा हाईजैक करने नहीं दिया जाएगा। केजरीवाल चाहते हैं कि दिल्ली सरकार के मामले में लाए गए केंद्र के अध्यादेश पर चर्चा हो और कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी के तालमेल के मुद्दे पर विचार हो। ध्यान रहे पहले केजरीवाल की सरकार के मंत्री और उनकी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रहे सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस...

  • केसीआर ने क्यों बदल दिया स्टैंड?

    विपक्षी पार्टियों की बैठक होने जा रही है और पिछले कई सालों से संघीय मोर्चा बनाने की कोशिश में जुटे तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की कहीं चर्चा नहीं हो रही है। यह बहुत दिलचस्प घटनाक्रम है। ऐसा लग रहा है कि भारत राष्ट्र समिति के नेता केसीआर ने इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव तक अपना स्टैंड बदल लिया है। वे अपने को तेलंगाना में सीमित कर रहे हैं और लोकसभा चुनाव के लिए नरेंद्र मोदी के खिलाफ बनने वाले किसी भी मोर्चे से दूरी दिखा रहे हैं। कुछ समय पहले तक वे मोदी के...

  • भाजपा, केसीआर और मुसलमान

    मुसलमानों के सवाल पर देश में हर जगह एक खुला संवाद होना चाहिए कि आख़िर भाजपा व संघ की इस विषय पर सही राय क्या है? अभी तक इस मामले में उसका दोहरा स्वरूप ही सामने आया है जिससे उनके कार्यकर्ताओं और शेष समाज में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।..चुनाव के वक्त भाजपा के नेता की भाषा अलग होती है और चुनाव के बाद वह बदल जाती है। मोहन भागवत क्यों कहते हैं, “मुस्लिमों के बिना हिंदुत्व नहीं”, “हम कहेंगे कि मुसलमान नहीं चाहिए तो हिंदुत्व भी नहीं बचेगा”, “हिंदुत्व में मुस्लिम पराये नहीं”? गुजरात के मुख्य मंत्री रहते...

  • आज केसीआर से मिलेंगे केजरीवाल

    नई दिल्ली। दिल्ली के अधिकारियों की नियुक्ति और तबादले के मामले में केंद्र की ओर से जारी अध्यादेश के विरोध में विपक्षी पार्टियों का समर्थन जुटाने के लिए देश का दौरा कर रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शनिवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से मिलेंगे। केजरीवाल ने शुक्रवार को ट्विट किया- सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा जारी असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक अध्यादेश के खिलाफ समर्थन मांगने के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री से कल हैदराबाद में मुलाकात करूंगा। इन दोनों नेताओं ने शनिवार को होने वाली नीति आयोग की बैठक का...

  • कांग्रेस को ममता, केसीआर की जरूरत नहीं!

    ममता बनर्जी ने कहा है कि वे कांग्रेस की मदद करने को तैयार हैं, बदले में कांग्रेस उनसे लड़ना बंद करे। उधर के चंद्रशेखर राव यानी केसीआर ने भी कहा है कि वे कांग्रेस से गठबंधन के खिलाफ नहीं हैं। सवाल है कि इन दोनों नेताओं का कांग्रेस के प्रति सद्भाव दिखाने का क्या मतलब है? क्या कर्नाटक चुनाव नतीजों की वजह से दोनों की सोच बदली है या कोई और बात है? असल में दोनों राज्यों का समीकरण इस तरह का है कि वहां इन दोनों नेताओं को कांग्रेस की जरूरत पड़ सकती है या कांग्रेस अगर बहुत आक्रामक...

  • केसीआर के राजनीति और एमवीए की समस्या

    पता नहीं तेलंगाना की पार्टियों को महाराष्ट्र में कितनी संभावना दिख रही है? पहले हैदराबाद तक सीमित रही पार्टी एमआईएम ने महाराष्ट्र में राजनीति शुरू की और बड़ी जीत हासिल की है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को महाराष्ट्र में लोकसभा की एक सीट पर जीत मिली। अब तेलंगाना में सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति की नजर महाराष्ट्र पर है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव लगातार महाराष्ट्र के दौरे कर रहे हैं और वहां उस वोट बैंक को साधने का प्रयास कर रहे हैं, जो राज्य के विपक्षी गठबंधन यानी महा विकास अघाड़ी की असली ताकत है। ध्यान रहे अघाड़ी की दो पार्टियां-...

और लोड करें