तेलंगाना में 2023 के अंत में विधानसभा हारने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव सक्रिय राजनीति से अलग हो गए थे। बीच में उनकी सेहत भी बिगड़ी थी, जिसकी वजह से वे सार्वजनिक जीवन से दूर रहे। हैदराबाद से बाहर अपने फार्म हाउस में उनका ज्यादा समय बीत रहा था। उनकी ओर से बेटे केटी रामाराव और भतीजे हरीश राव पार्टी का राजनीति संभाल रहे थे। इसी बीच बेटी के कविता का भी विवाद हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता की पार्टी का भाजपा में विलय कराने की साजिश हो रही है। इसके बाद उनको निकाल दिया गया और उन्होंने तेलंगाना जागृति के नाम से पार्टी बनाई है।
बहरहाल, दो साल के बाद के चंद्रशेखर राव ने अपना स्वघोषित वनवास समाप्त किया है। वे अपने फार्म हाउस से निकले और विधानसभा गए। वे वहां मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मिले। दोनों ने हाथ मिलाए। कहा जा रहा है कि केसीआर अब राजनीति में सक्रिय होंगे। स्थानीय निकाय के चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले उनकी सक्रियता से भारतीय राष्ट्र समिति यानी बीआरएस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश भरने वाली होगी। सबकी नजर इस पर भी है कि वे अपने परिवार का विवाद कैसे निपटाते हैं।


