दिल्ली सरकार ने नौ सितंबर को दिल्ली में पटाखे पर पाबंदी लगाने का ऐलान किया था। दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि दिल्ली में एक जनवरी 2025 तक पटाखों पर पाबंदी रहेगी। यानी पटाखों की खरीद बिक्री या इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। परंतु विजयादशमी तक इसकी अधिसूचना नहीं जारी की गई। यानी पाबंदी की घोषणा कर दी गई लेकिन उसे लागू करने के नियमों की अधिसूचना जारी नहीं की गई, जिसका नतीजा यह हुआ कि पटाखों की बिक्री होती रही। इतना ही नहीं विजयादशमी में पूरी दिल्ली में रावण के पुतले जलाए गए तो उनमें जम कर आतिशबाजी हुई।
सवाल है कि क्या दिल्ली सरकार ने जान बूझकर नियमों को अधिसूचित नहीं किया ताकि विजयादशमी में जलाए जाने वाले पुतलों में पटाखे लगाए जा सकें? जानकार सूत्रों का कहना है कि दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी इस बात को लेकर चिंता में थी कि पटाखों पर पाबंदी लगाते हुए सोशल मीडिया में आप को हिंदू विरोधी पार्टी बताने का अभियान शुरू हो जाता है। तभी विजयादशमी बीतने का इंतजार किया गया। अब हो सकता है कि इसकी अधिसूचना जारी हो जाए। यह भी कहा जा रहा है कि विजयादशमी तक दिल्ली में प्रदूषण ज्यादा नहीं बढ़ा था तो इस जारी रहने दिया गया और अब पाबंदी लगाने की अधिसूचना जारी हो जाएगी।
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Image Source: ANI

