ममता बनर्जी भले कह रही हैं कि जून में विपक्षी गठबंधन की बैठक होगी। उनकी पार्टी के नेता कांग्रेस के साथ फिर से सद्भाव बनाने की कोशिश भी कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस अभी उनके साथ सद्भाव दिखाने को तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हार कर सत्ता से बाहर होने के बाद तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ कांग्रेस ने झंडा बुलंद किया है। प्रदेश कांग्रेस के नेता तृणमूल के कई जिला व पंचायत स्तर के कार्यालयों पर कांग्रेस का झंडा लगा रहे हैं। उनका कहना है कि यह सब पहले कांग्रेस का कार्यालय था, जिस पर ममता बनर्जी ने कब्जा किया।
इस बीच खबर है कि ममता बनर्जी हर साल शहीद दिवस का जो कार्यक्रम करती हैं उस पर भी कांग्रेस दावा करेगी। गौरतलब है कि 21 जुलाई 1993 को एक प्रदर्शन के दौरान कोलकाता में युवा कांग्रेस के 13 कार्यकर्ता पुलिस फायरिंग में मारे गए थे। तब ममता बनर्जी युवा कांग्रेस की नेता थीं और उनके नेतृत्व में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मतदाता सूची से मतदाताओं की तस्वीर लगाने के लिए आंदोलन कर रहे थे। कांग्रेस का कहना है कि मारे गए कार्यकर्ता युवा कांग्रेस के थे इसलिए उनकी शहादत पर कार्यक्रम भी कांग्रेस करेगी। ध्यान रहे 1998 में कांग्रेस से अलग होकर पार्टी बनाने से पहले ममता बनर्जी कांग्रेस के बैनर तले ही शहीद दिवस का कार्यक्रम करती थीं। बाद में वे तृणमूल के बैनर तले यह कार्यक्रम करने लगीं और कांग्रेस ने धीरे धीरे कोई भी कार्यक्रम करना बंद कर दिया। अब कांग्रेस इस पर दावा कर रही है और बताया जा रहा है कि इस साल 21 जुलाई को कांग्रेस भी कार्यक्रम करेगी।
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