उत्तर भारत में आमतौर पर यह देखने को नहीं मिलता है कि मुख्यमंत्रियों के बीच आपस में बहुत सद्भाव और दोस्ती हो। अगर मुख्यमंत्री एक ही पार्टी के हैं तो अलग बात है लेकिन अगर मुख्यमंत्री अलग अलग पार्टी के हैं तो उनको बीच कोई दोस्ती नहीं दिखती है। कम से कम सार्वजनिक जगहों पर या सार्वजनिक कार्यक्रमों में तो वे एक दूसरे की तारीफ नहीं ही करते हैं। परंतु दक्षिण भारत में इसका उलटा होता है। वहां एक दूसरे की विरोधी पार्टी के मुख्यमंत्रियों में भी पूरा सद्भाव दिखाई देता है। वे सार्वजनिक जगहों पर भी एक दूसरे की तारीफ करते हैं। दक्षिण के राज्यों का भाईचारा इससे प्रकट होता है।
पिछले दिनों तीन राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के एक मुख्यमंत्री एक मंच पर थे। वहां तीनों ने एक दूसरे की जम कर तारीफ की। तेलंगाना और कर्नाटक में तो कांग्रेस के ही मुख्यमंत्री हैं लेकिन आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू की पार्टी अलग है और वे भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का मुख्य घटक दल हैं। लेकिन नायडू ने रेवंत रेड्डी और डीके शिवकुमार दोनों की जम कर तारीफ की। उन्होंने कहा कि शिवकुमार ने इतने कम समय में जो काम किया है वह कमाल का है। उन्होंने रेवंत रेड्डी के लिए कहा कि वे अपने राज्य के लोगों के हितों से कभी समझौता नहीं करते हैं। कांग्रेस के दोनों मुख्यमंत्रियों ने भी नायडू की जम कर तारीफ की। तमिलनाडु के नए बने मुख्यमंत्री विजय के प्रति भी कांग्रेस के साथ साथ चद्रबाबू नायडू का रुख भी काफी सद्भाव वाला है। गौरतलब है कि दक्षिण के राज्यों के हितों को लेकर वहां के नेता हमेशा एकजुट रहते हैं।


