पंजाब सरकार के मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने गिऱफ्तार कर लिया है। यह संयोग है कि संजीव अरोड़ा पहले राज्यसभा सांसद थे और इसी साल उनको उपचुनाव लड़ा कर विधायक बनाया गया और वे मंत्री बने। उनकी खाली की हुई राज्यसभा सीट पर राजेंदर गुप्ता को उच्च सदन भेजा गया। पिछले दिनों राजेंदर गुप्ता आम आदमी पार्टी छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गए। उनके साथ साथ लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के मालिक अशोक मित्तल भी भाजपा में शामिल हो गए।
अशोक मित्तल जिस दिन भाजपा में शामिल हुए उससे ठीक 10 दिन पहले उनके यहां ईडी का छापा पड़ा था। उनको गिरफ्तार नहीं किया गया था। लेकिन छापा पड़ा था। उसके बाद वे आनन फानन में भाजपा में शामिल हो गए। अब संजीव अरोड़ा के यहां छापा पड़ा है। उनके ऊपर जीएसटी में एक सौ करोड़ रुपए की गड़बड़ी करने से लेकर दुबई के रास्ते काले धन को सफेद करने का आरोप लगा है। वे अब गिरफ्तार हो गए हैं। अगले साल पंजाब में चुनाव होने वाले हैं। तभी कहा जा रहा है कि अब संजीव अरोड़ा के भी भाजपा में शामिल होने का समय आ गया है। हो सकता है कि वे जल्दी ही जमानत पाकर छूटें और उसके बाद भाजपा में शामिल हो जाएं। यह भी कहा जा रहा है कि अगले साल के चुनाव से पहले ही भाजपा पंजाब में कुछ खेला करना चाहती है। उसमें भी ईडी के इस तरह के छापों से फायदा होगा।
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