तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की घोषणा हो गई है और कई पार्टियों के बीच तालमेल व सीट बंटवारे का फैसला अभी तक नहीं हुआ है। एनडीए के अंदर भी सीट बंटवारा अभी नहीं हो पाया है और डीएमके के नेतृत्व वाले एसपीए में भी अभी मामला अटका है। कम्युनिस्ट पार्टियां इस आधार पर ज्यादा सीट मांग रही हैं कि डीएमके ने कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट दी है और विधानसभा की भी पहले से तीन सीट ज्यादा दी है। इस बीच दो नई पार्टियों के अगले कदम पर सबकी नजर है। बताया जा रहा है कि फिल्म स्टार विजय अपनी पार्टी टीवीके के लिए एक अच्छा गठबंधन तलाश रहे हैं।
असल में जब चुनाव नजदीक आया है तब विजय को पता चला है कि उनके पास तो चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार ही नहीं हैं। उनकी पार्टी पांच करोड़ खर्च करने की हैसियत वाले उम्मीदवार खोज रही है। उनकी मुश्किल यह है कि वे अन्ना डीएमके और भाजपा दोनों के खिलाफ बहुत कम समय में इतना कुछ बोल चुके हैं कि उनके साथ जाने में समस्या आ रही है। हालांकि बताया जा रहा है कि उधर से 40 से 50 सीटें मिल सकने का ऑफर है। भाजपा और अन्ना डीएमके दोनों अपनी सीटें घटा सकते हैं और बाकी सहयोगियों की सीटों में कटौती कर सकते हैं।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जयललिता की सबसे करीबी सहयोगी रही वीके शशिकला ने पार्टी बना ली है। उन्होंने ऑल इंडिया पीटीएमएमके नाम से पार्टी बनाई है। सबको पता है कि तमिलनाडु में जयललिता की राजनीति मोटे तौर पर थेवर जाति पर निर्भर रही। शशिकला उसी जाति से आती हैं। जयललिता के करीबी सहयोगियों में से एक और थेवर नेता ओ पनीरसेल्वम पहले ही डीएमके से तालमेल कर चुके हैं। शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरण का तालमेल एनडीए से है। ऐसे में शशिकला भी अपने लिए सहयोगी खोज रही हैं। अगर एनडीए से तालमेल नहीं होता है तो वे थेवर वोट का नुकसान कर सकती हैं। इस बीच एक चर्चा यह भी शुरू हो गई है कि क्या विजय और शशिकला की पार्टी का तालमेल हो सकता है? यह दिलचस्प स्थिति होगी।


