भारत के पूर्व विदेश सचिव और अमेरिका में भारत के राजदूत रहे हर्षवर्धन शृंगला को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने के बाद से ही इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि उनकी क्या भूमिका होगी? उनको क्या सिर्फ सांसद बना कऱ उनकी किसी सेवा का इनाम दिया गया है या उनकी योग्यता और क्षमता का कोई और इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोचा है? ध्यान रहे शृंगला ने 2020 के अमेरिकी चुनाव से पहले वहां ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम कराने में बड़ी भूमिका निभाई थी और उसके बाद जी 20 सम्मेलन में भी उन्होंने बहुत अच्छा काम किया। इससे प्रधानमंत्री काफी प्रभावित हुए थे। तभी पिछले साल के लोकसभा चुनाव में उनको दार्जिलिंग से चुनाव लड़ाने की बात चली थी।
दार्जिलिंग लोकसभा सीट पर सिक्किम का काफी असर है और वहां भाजपा की जीत सुनिश्चित करने में दार्जिलिंग के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बड़ी भूमिका निभाई। ध्यान रहे शृंगला के पिता सिक्किम के थे। तभी यह भी चर्चा है कि अगली बार वे दार्जिलिंग से चुनाव लड़ेंगे। अभी उनकी उम्र 63 साल है और वे कई बरसों तक सक्रिय राजनीति में रहने वाले हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों दिनों में विदेश मंत्री की अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। वैसे भी एस जयशंकर को लेकर पिछले कुछ दिनों से अच्छा माहौल नहीं है। तभी उनकी जगह कांग्रेस के शशि थरूर के नाम की चर्चा हो रही थी। अगर शृंगला को जयशंकर वाली जगह मिलती है तो थरूर का क्या होगा यह भी बड़ा सवाल है।
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