तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव यानी केसीआर की बेटी के कविता गैर राजनीतिक संगठन चला रही थीं। उन्होंने तेलंगाना जागृति संगठन बनाया था। लेकिन अब एक राजनीतिक दल का गठन कर लिया है, जिसका नाम तेलंगाना राष्ट्र सेना यानी टीआरएस रखा है। पहले चंद्रशेखर राव की पार्टी का नाम भी टीआरएस यानी तेलंगाना राष्ट्र समिति था, जिसे पिछले चुनाव में उन्होंने बदल कर भारत राष्ट्र समिति यानी बीआरएस कर दिया था। उसके बाद ही वे चुनाव हारे। अब उनकी पार्टी के पुराने नेता को अलग तरह से कविता ने पुनर्जीवित किया है। गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही उन्होंने दिल्ली के शराब नीति से जुड़े कथित घोटाले में क्लीन चिट मिली है।
अब सवाल है कि कविता ने खुद अपनी स्वतंत्र राजनीति के लिए पार्टी बनाई है या उनके पीछे कोई दूसरी ताकत है? या उन्होंने पार्टी बनाई है और अपनी ताकत दिखाने के बाद किसी दूसरी बड़ी पार्टी से तालमेल कर लेंगी या उसमें अपनी पार्टी का विलय कर देंगी? यह सवाल इसलिए है क्योंकि एकीकृत आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे वाईएसआर रेड्डी की बेटी वाईएएस शर्मिला ने भी तेलंगाना में पार्टी बनाई थी और खूब राजनीति की। उन्होंने ताकत दिखाने के बाद अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में कर दिया। कांग्रेस ने उनको आंध्र प्रदेश का अध्यक्ष बनाया है। संभव है कि कविता भी अपनी ताकत बढ़ाने के बाद ऐसा ही कुछ करें। उनके सामने भाजपा और कांग्रेस का विकल्प होगा। अपने पिता की पार्टी से उनकी दूरी बढ़ गई है। पहले वे पिता की बजाय भाई केटी रामाराव को दोष देती थीं लेकिन अपनी पार्टी बनाने के बाद उन्होंने के चंद्रशेखर राव पर भी हमला किया है।


