हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के एक फैसले ने पूरी कांग्रेस पार्टी और उसकी राज्य सरकारों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सुक्खू ने अपने राज्य में सीमेंट की बोरी पर पांच रुपया टैक्स बढ़ाया है। इस एक फैसले से पता नहीं कितना राजस्व हिमाचल सरकार को मिल जाएगा लेकिन यह साफ दिख रहा है कि धारणा के स्तर पर कांग्रेस को बहुत बड़ा नुकसान हो गया है। जिस दिन जीएसटी काउंसिल के फैसले के हिसाब से जीएसटी की दरों में कटौती हुई उसी दिन हिमाचल प्रदेश सरकार ने 50 किलो की सीमेंट की बोरी पर टैक्स 11 रुपए से बढ़ा कर 16 रुपया कर दिया।
गौरतलब है कि सीमेंट की 50 किलो की बोरी पर 28 फीसदी जीएसटी लगता था, जिसे कम करके 18 फीसदी किया गया। इस तरह पांच सौ रुपए की बोरी पर 50 रुपए की कमी आई। अगर राज्य सरकार ने पांच रुपया टैक्स बढ़ाया तब भी लोगों को फायदा हो रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे बहुत बड़ा मुद्दा बना दिया है। वे हर सभा में कह रहे हैं कि कांग्रेस ने लोगों से जीएसटी कटौती का लाभ छीनना शुरू कर दिया। एक तरफ कांग्रेस केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही थी कि वह इतने दिनों से ज्यादा टैक्स ले रही थी और अब कम किया है तो उसका प्रचार कर रही है। वही दूसरी ओर कांग्रेस की राज्य सरकार ने टैक्स बढ़ा दिया। यह सही है कि हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संकट है लेकिन क्या यह फैसला करने से पहले सुक्खू ने कांग्रेस आलाकमान से बात की थी? क्या सरकार इस फैसले को एक महीने बाद लागू करती है काम नहीं चलता? यह बेहद गलत समय पर किया गया एक बहुत गलत फैसला है, जिसका राजनीतिक नुकसान कांग्रेस को पूरे देश में हो रहा है।
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