भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल की जीत से पहले पंजाब में पत्ते बिछाने शुरू कर दिए थे। उसने आम आदमी पार्टी के छह राज्यसभा सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल कराया। इनमें से चार सांसदों का कोई खास मतलब नहीं है लेकिन दो सांसद राघव चड्ढा और संदीप पाठक का मतलब है। संदीप पाठक ने आम आदमी पार्टी को पिछला पंजाब चुनाव लड़ाया था। पाठक और चड्ढा ने मिल कर उम्मीदवार तय किए थे और चुनाव की रणनीति बनाई थी। अब ये दोनों भाजपा के साथ हैं। इस बीच भाजपा पश्चिम बंगाल का चुनाव जीत गई है। लंबे समय से यह माना जा रहा था कि भाजपा के लिए बंगाल जीतना मुश्किल है क्योंकि बंगाल की भाषा और संस्कृति के साथ उसका तालमेल नहीं बैठता है।
लेकिन अब जबकि भाजपा जीत गई है तो उसके नेता पंजाब की तैयारी में लग गए हैं। कहा जा रहा है कि पंजाब में भाषा और संस्कृति का बैरियर भाजपा वैसे ही तोड़ देगी, जैसे बंगाल में तोड़ा है। हालांकि यह बहुत महत्वाकांक्षी योजना है लेकिन भाजपा के नेताओं का कहना है कि उसने वह कोड क्रैक कर लिया है, जिससे भाषा और संस्कृति की बाधा पार की जाती है। हालांकि पंजाब में भाषा और संस्कृति के अलावा धर्म का मामला भी है। कर्नाटक, महाराष्ट्र या बंगाल में धर्म की बाधा नहीं थी। वहां भाजपा हिंदू वोट एकजुट करने में कामयाब रही। क्या पंजाब में भी वह इस तरह का कोई प्रयोग कर सकती है? अगले साल मार्च में पंजाब में चुनाव हैं।
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