जनता दल यू के नेताओं ने अचानक केसी त्यागी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता से लेकर अन्य नेता व प्रवक्ता उनके खिलाफ बयान दे रहे हैं। कह रहे हैं कि केसी त्यागी ने पार्टी लाइन से अलग हट कर बयान दिया। वे इस बात से नाराज हैं कि केसी त्यागी ने कैसे नीतीश कुमार को भारत रत्न देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। उनको लग रहा है कि यह भाजपा की राजनीति का हिस्सा है कि नीतीश को भारत रत्न देकर उनको रिटायर कराया जाए और भाजपा अपना मूख्यमंत्री बनाए। लेकिन इसका कोई आधार नहीं है। पंडित जवाहर लाल नेहरू को भी 1955 में भारत रत्न मिला था और वे उसके बाद नौ साल तक प्रधानमंत्री बने रहे थे। सो, नीतीश भारत रत्न प्राप्त करके भी मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं।
केसी त्यागी के खिलाफ इस बात को लेकर भी नाराजगी जताई जा रही है कि उन्होंने बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान की तरफदारी की और उनको आईपीएल टीम से निकाले जाने का विरोध किया। लेकिन यह भी तो नीतीश कुमार की राजनीति के अनुकूल ही लाइन थी। भाजपा नेताओं की जिस राजनीति के कारण मुस्तफिजुर को हटना पड़ा, नीतीश तो हमेशा उस राजनीति का विरोध करते रहे हैं। सो, केसी त्यागी पर हमला करने का असल कारण यह नहीं है। असल कारण यह है कि जनता दल यू के कई नेता उनको खतरा मान रहे हैं। उनको लग रहा है कि उनको राज्यसभा भेजा जा सकता है। बिहार के तमाम जदयू नेताओं को एक असुरक्षा बोध भी घेरे रहता है। उनको लगता है कि केसी त्यागी को राष्ट्रीय मीडिया में ज्यादा महत्व मिलता है। सो, एक ऐसा गुट जो पार्टी और सरकार दोनों पर पूरी तरह से कब्जा रखना चाहता है उसने इस बहाने विरोध किया।
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