यह लाख टके का सवाल है कि क्या स्मृति ईरानी का पुनर्वास होगा? उनके पास अभी कोई भी जिम्मेदारी नहीं है। इसलिए पिछले दिनों उन्होंने वापस फिल्मी दुनिया का रुख किया था। अमेठी सीट पर कांग्रेस के किशोरी लाल से चुनाव हारने के बाद वे पार्टी नेतृत्व की नजरों में चढ़ नहीं पा रही हैं। लेकिन उसके बाद हो रहे राज्यसभा के दोवार्षिक चुनावों में उनको उम्मीद जगी है। जानकार सूत्रों का कहना है कि स्मृति ईरानी को राज्यसभा भेजा जा सकता है। पार्टी को संसद में उनकी जैसी वक्ता की जरुरत है। हालांकि साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि उनको नितिन नबीन की टीम में कई अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।
होने को तो कुछ दिन पहले इस बात की भी चर्चा हो गई थी कि उनको राज्यपाल बना कर पश्चिम बंगाल भेजा जा सकता है। लेकिन अभी वे राज्यपाल बनने की अवस्था में नहीं पहुंची है। तभी राज्यसभा की चर्चा चल रही है। अगर नितिन नबीन की टीम में जाना है तब भी सांसद होना कोई बाधा नहीं है। बहरहाल, राज्यसभा चुनाव से पहले यह भी चर्चा है कि क्या भाजपा की दूसरी महिला नेताओं का पुनर्वास हो सकता है? इसमें नई दिल्ली की सांसद रहीं मीनाक्षी लेखी के नाम की चर्चा है तो साथ ही मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की भी चर्चा है। मध्य प्रदेश में राज्यसभा का चुनाव मई में होगा क्योंकि वहां जून में सीटें खाली हो रही हैं।


