यह बड़ा सवाल है क्योंकि 2024 के विधानसभा चुनाव के बीच भाजपा ने पूर्व सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राय को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। उस समय माना गया था कि सवर्ण मतदाताओं की नाराजगी को देखते हुए और पार्टी के अघोषित चेहरा रहे बाबूलाल मरांडी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे निरंजन राय की चुनौती को कमजोर करने के लिए रविंद्र राय एक पद दिया गया था। चुनाव में भाजपा हार गई और उसके थोड़े दिन के बाद रविंद्र राय को कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। अब चुनाव की औपचारिकता पूरी करके भाजपा ने राज्यसभा सांसद आदित्य साहू को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।
बाबूलाल मरांडी इस समय भाजपा विधायक दल के नेता हैं और आदित्य साहू प्रदेश अध्यक्ष हैं। भाजपा ने आदिवासी और ओबीसी का समीकरण बनाया है। भाजपा को पता है कि आदिवासी उसको वोट नहीं दे रहे हैं। पिछले चुनाव में मरांडी के होने के बावजूद भाजपा लोकसभा चुनाव में पांच में से एक भी आरक्षित सीट नहीं जीत सकी और विधानसभा में भी 28 में से सिर्फ एक आरक्षित सीट उसे मिली है। पिछड़ी जातियों खास कर तेली, साहू का वोट उसको मिलता है। इसके अलावा बिहारी वोटर उसके समर्थक हैं। तभी कहा जा रहा है कि क्या भाजपा किसी अगड़ी जाति के नेता को कार्यकारी अध्यक्ष बनाएगी। ध्यान रहे पिछड़ी जाति से आने वाली अन्नपूर्ण देवी केंद्र में मंत्री हैं। दूसरे मंत्री संजय सेठ हैं। तभी प्रदेश भाजपा नेता के कह रहे हैं कि भाजपा को या तो कोई सवर्ण चेहरा प्रदेश संगठन में आगे करना होगा या केंद्रीय कैबिनेट में लाना होगा।


