ओडिशा में राज्यसभा का चुनाव बहुत दिलचस्प होने जा रहा है। अप्रैल में राज्य की चार सीटों पर चुनाव होगा। 147 सदस्यों की विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के 79 विधायक हैं और उसे तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है। इस तरह उसकी संख्या 82 हो जाती है। दूसरी ओर मुख्य विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल के 50 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 30 वोट की जरुरत होगी। सो, अपने विधायकों की संख्या के दम पर भाजपा दो सीट जीतेगी और बीजद एक सीट आसानी से जीत जाएगी। दो सीट जीतने के बाद भाजपा के पास 22 वोट बचते हैं तो बीजद के पास 20 वोट बचते हैं।
ओडिशा विधानसभा में कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं। एक सीपीएम का विधायक है। तभी कांग्रेस चाहती है कि बीजद के साथ तालमेल करके चौथी सीट जीती जाए। हालांकि कांग्रेस नेताओं को पता है कि बीजू जनता दल की ओर से कांग्रेस के किसी उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया जाएगा और कांग्रेस भी बीजद के किसी नेता को समर्थन नहीं देना चाहती है। तभी इस फॉर्मूले पर चर्चा हो रही है कि किसी बड़ी हस्ती को, जो राजनीति से तटस्थ हो उसे निर्दलीय के तौर पर उतारा जाए। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा है कि वे इस प्रस्ताव के साथ नवीन पटनायक से मिलेंगे। अगर ऐसा होता है तो यह बड़ा घटनाक्रम होगा। हालांकि तब भाजपा भी किसी को निर्दलीय उतार कर उस सीट को उलझाना चाहेगी। ऐसा होगा तो कांग्रेस के लिए अपने विधायकों को संभालना आसान नहीं होगा।
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