आम आदमी पार्टी के नेताओं को कैसे पता था कि रविवार को मनीष सिसोदिया पूछताछ के लिए सीबीआई मुख्यालय जाएंगे तो उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा? असल में जब से सिसोदिया को दूसरी बार पूछताछ के लिए आने का समन मिला तभी से पार्टी के नेताओं ने कहना शुरू कर दिया था कि उनको गिरफ्तार किया जा सकता है। इसी आशंका से सिसोदिया ने एक हफ्ते का समय मांगा था ताकि बजट का काम पूरा कर सकें। तभी सवाल है कि दूसरी बार पूछताछ का समन मिलते ही कैसे पार्टी नेताओं को लगने लगा था कि अब गिरफ्तारी का समय आ गया है? पार्टी के नेता पहले भी ऐसा कहते थे लेकिन तब वह राजनीतिक दांवपेंच का हिस्सा था। लेकिन दूसरी बार समन मिलने के बाद की चिंता पुख्ता थी।
सवाल है कि क्या आम आदमी पार्टी के नेताओं को पता था कि सीबीआई को कुछ ऐसा मिला है, जिसके आधार पर गिरफ्तारी हो सकती है? क्या सीबीआई ने कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में जिन लोगों को पहले गिरफ्तार किया है उनकी पूछताछ में कुछ ऐसा सामने आया है, जिसकी जानकारी अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं को हो गई थी और उनको लग रहा था कि इस आधार पर सिसोदिया की गिरफ्तारी हो सकती है? कुछ तो ऐसा हुआ है, जिससे केजरीवाल और उनकी टीम गिरफ्तारी के अंदेशे में थी। बताया जा रहा है कि शराब घोटाले में आरोपी आईएएस अधिकारी ने सीबीआई को कुछ जानकारी दी है, जिसके बारे में सिसोदिया से पूछताछ हुई है। उनके ऊपर जासूसी मामले की गाज भी गिरने वाली है। जानकार सूत्रों का कहना है कि अगर वे शराब घोटाले में नहीं पकड़े जाते तो जासूसी वाले मामले में गिरफ्तार होते। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उस मामले में जांच की मंजूरी दे दी है। सो, किसी भी समय सीबीआई उस मामले में भी एफआईआर दर्ज करके सिसोदिया को फिर गिरफ्तार कर सकती है। यानी जेल में ही सिसोदिया की दूसरी गिरफ्तारी की संभावना है।
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