देश भर की विपक्षी पार्टियों की एक बैठक बिहार में 17 या 18 मई को हो सकती है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि कई पार्टियों के नेता कर्नाटक चुनाव में बिजी हैं इसलिए चुनाव नतीजों के बाद बैठक रखी जाएगी। सवाल है कि कर्नाटक में चुनाव लड़ रही कई पार्टियों में उन्होंने एचडी देवगौड़ा के परिवार की पार्टी जेडीएस को भी जोड़ा है क्या? कुछ समय पहले जेडीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी से उनकी मुलाकात हुई थी। कहा जा रहा है कि विपक्ष की बैठक से पहले वे एक बार फिर उनसे मिल सकते हैं या टेलीफोन करके उनसे बात कर सकते हैं।
जानकार सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार का प्रयास है कि सभी विपक्षी पार्टियों को एक साथ बैठाने और साझा मोर्चा की औपचारिक बातचीत शुरू करने से पहले वे सभी दलों के नेताओं से एक बार अकेले मिल लें। वे ज्यादातर पार्टियों के नेताओं से मिल चुके हैं। कांग्रेस में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से उनकी मुलाकात हुई। आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल, सीपीएम के सीताराम येचुरी, सीपीआई के डी राजा, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, इनेलो के ओमप्रकाश चौटाला आदि से वे मिल चुके हैं। अब वे बीजू जनता दल के नवीन पटनायक से मिलने जा रहे हैं। विपक्ष के तीन बड़े नेताओं- शरद पवार, एमके स्टालिन और के चंद्रशेखर राव से उनकी मुलाकात नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि वे किसी तरह से केसीआर से बात करने और कांग्रेस के साथ बैठक में शामिल होने के लिए बात करेंगे। जगन मोहन रेड्डी के विपक्षी बैठक में शामिल होने की कोई उम्मीद नहीं है।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


