चीन ने नहीं किया है कोई चमत्कार!
भारत में आज मायूसी है और अब एक बड़ा आर्थिक संकट देश पर मंडरा रहा है, तो कारण 1991 के बाद पूंजी के सामने राज्य का पूर्ण समर्पण में तलाशने की जरूरत है। साथ ही इन प्रश्नों पर विचार की आवश्यकता है कि नेहरूवादी नीतियों के दौर में भारत में सार्वजनिक उद्यम लगाए गए, लेकिन देश का कारखाना क्षेत्र कभी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य क्यों नहीं बन पाया? कुशल इन्फ्रास्ट्रक्चर और निर्यात क्षमता हासिल करने में भी वह क्यों विफल रहा? इन प्रश्नों के जवाब ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में छिपे हुए है। एक अंग्रेजी अखबार के ऑप-एड पेज पर छपी एक...