अविश्वास बढ़ाने वाला कदम
अपेक्षित यह है कि संबंधित पक्ष विवाद को उलझाने वाले कदम ना उठाएं। मगर चीन ने ऐसा ही किया है। अतः भारत को उसी अंदाज में चीन को सख्त संदेश देना चाहिए, जैसा उसने पाकिस्तान के मामले में किया है। भारत ने उचित ही पाकिस्तान-चीन संयुक्त सीमा आयोग को सक्रिय करने के उन दोनों देशों के पैंतरे को ठुकरा दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहा कि भारतीय क्षेत्रों से जुड़ा चीन-पाकिस्तान का कोई कथित सीमा सहयोग भारत को अस्वीकार्य है। भारत की हमेशा से ये राय है कि पाकिस्तान और चीन के बीच कोई सीमा नहीं है।...