इतनी निर्भरता ठीक नहीं
चीन पर भारत की प्रमुख निर्भरता उपभोक्ता वस्तुओं के मामले में नहीं, बल्कि घरेलू उत्पादन के क्षेत्र में है। इसका मतलब है कि भारत का कारखाना क्षेत्र चीन से आए पाट-पुर्जों और रासायनिक सामग्रियों पर अत्यधिक निर्भर हो चुका है। चीन पर भारत की कारोबारी निर्भरता चिंताजनक स्तर तक पहुंच गई है। सवाल सिर्फ बढ़ते व्यापार घाटे का नहीं है, जो पिछले वित्त वर्ष में 112.16 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। उससे बड़ा मुद्दा भारतीय मैनुफैक्चरिंग की चीनी आपूर्ति शृंखला पर बढ़ी निर्भरता है। थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने अपने ताजा विश्लेषण में इस ओर ध्यान खींचा...