खुश होना कोई भाजपा से सीखे

कानपुर की जिदंगी तो सबसे अलग कही जा सकती है। वहां के लोगों की सोच व काम करने का तरीका सबसे अलग होता है। जब विज्ञान के विद्यर्थी थे तब हमारे अध्यापक ने सापेक्ष शब्द बहुत उदाहरण देकर समझाया था। उनका कहना था कि हमारे जीवन में कुछ चीजे सापेक्ष होती है और रचनात्मक सापेक्ष सोच हमें जिदंगी में आगे बढ़ाने में सहायक साबित होती है। जैसे कि अगर आपकी बोर्ड की परीक्षा में थर्ड डिवीजन आई हो व कक्षा में आपका प्रतिद्वंदी माना जाने वाला छात्र फेल हो जाए तो सापेक्ष रूप से आपको सुख होता है क्योंकि आप उससे बेहतर पाते हैं। यह धारणा वहां आज लोगों के बीच में देखने को मिल जाती थी जब दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आए तो खबरों को देखकर लगा कि दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी का हमारे शहर से कुछ-न-कुछ पुराना रिश्ता है। कहने को तो वे बिहार के माने जाते हैं मगर कानपुरियों की तरह से बर्ताव करते हैं। इस चुनाव में भाजपा का तो सूपड़ा ही साफ हो गया। भाजपा के पास कुल आठ सीटें ही आई मगर उनकी हिम्मत व दिल तो देखिए कि इसके बावजूद वे दिल्ली की जनता को बधाई देते हुए इस परिणाम… Continue reading खुश होना कोई भाजपा से सीखे

भाजपा क्यों चिंता में नहीं है?

भारतीय जनता पार्टी के नेता दिल्ली के चुनाव नतीजों से बहुत परेशान नहीं हैं। वैसे ही जैसे झारखंड के नतीजों के बाद भी नहीं हुए। भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया वैसी ही रही, जैसी कांग्रेस की रहती थी या अब भी रहती है। नतीजे आए-गए हो गए हैं। न तो पार्टी ने इस पर कोई गंभीर चिंतन किया है, न हार के कारणों की पड़ताल की है और नेताओं की जवाबदेही तय की गई है। सब कुछ रूटीन के अंदाज में चलता रहा। पार्टी नेतृत्व में घबराहट देखने को नहीं मिली। याद करें 2009 मे दूसरी बार कांग्रेस के सरकार बनने पर कांग्रेस नेताओं के अहंकार और उनके अति आत्मविश्वास को। उसके दस साल बाद बिल्कुल उसी अंदाज की राजनीति का दोहराव होता दिख रहा है। दोनों में क्या समानता है इस पर विचार करेंगे उससे पहले यह देखना जरूरी है कि पिछले डेढ़ साल में भाजपा ने क्या खोया है। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जिस समय पार्टी लगी हुई थी उसी समय तीन राज्यों की सत्ता उसके हाथ से निकली। नवंबर 2018 में भाजपा राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव हार कर सत्ता से बाहर हुई। इनमें से दो राज्यों मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा 15 साल… Continue reading भाजपा क्यों चिंता में नहीं है?

शर्मिष्ठा के बुनियादी सवाल

दिल्ली में लगभग सफाया होने से कांग्रेस को झटका तो जोरदार लगा, लेकिन पार्टी के ज्यादातर नेता उससे सदमे में आने के बजाय भारतीय जनता पार्टी की बुरी हार पर राहत जताते लगाए।

दिल्ली जीत के पश्चात आप पंजाब में भी हुई सक्रिय

जालंधर। दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) को मिली अपार सफलता का प्रभाव पंजाब में भी दिखने लगा है। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पंजाब में भी पार्टी के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं। पंजाब दोआबा जोन के प्रधान तरनदीप सन्नी ने गुरुवार को लगभग एक सौ से अधिक युवाओं को पार्टी में शामिल करवाया। इसके अतिरिक्त पार्टी के संगठनात्मक ढ़ांचे को मजबूत करने के लिए उन्होंने युवा इकाई के जिला शहरी, ग्रामीण इंचार्ज और हलका इंचार्जों की नियुक्तियां की। आप के पंजाब युवा अध्यक्ष मंजिंदर सिंह की उपस्थिति में उन्होने जसकरन सिंह को जिला जालंधर शहरी का इंचार्ज, हरमिंदर सिंह जोशी को जिला जालंधर देहाती का इंचार्ज, एडवोकेट परमवीर सिंह को युवा प्रकोष्ठ का इंचार्ज, हरमीत सिंह को जालंधर छावनी, रणजीत सिंह को जालंधरपूर्वी का इंचार्ज तथा अमृतवीन को सह इंचार्ज नियुक्त किया गया। इसी प्रकार कर्मजीत सिंह को आदमपुर, प्रितपाल सिंह टिवाला को करतारपुर का इंचार्ज तथा प्रिंस को छावनी का सह इंचार्ज नियुक्त किया गया। इस अवसर पर सन्नी ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिल्ली विधानसभा चुनाव दौरान लोगों के सामने खुल कर झूठ बोला है। यह खबर भी पढ़ें:- आप विधायक दल के नेता चुने गए केजरीवाल उन्होंने कहा… Continue reading दिल्ली जीत के पश्चात आप पंजाब में भी हुई सक्रिय

शपथ ग्रहण में बेबी मफलरमैन आमंत्रित

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के समर्थन में मफलर लगाए हुए एक छोटे बच्चे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इस बेबी मफलरमैन को 16 फरवरी को अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के मतगणना के दिन मंगलवार को एक साल उम्र के अव्यान तोमर ने अरविंद केजरीवाल के आवास और आम आदमी पार्टी (आप) कार्यालय में लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था। इस बच्चे ने केजरीवाल जैसा दिखने के लिए एक काला मफलर, एक चश्मा और आम आदमी पार्टी की टोपी पहनी हुई थी। उस समय बच्चे के परिवार ने बताया था कि केजरीवाल उनके बच्चे से मिलेंगे, मगर ऐसा नहीं हो सका और परिवार केजरीवाल से मिले बिना पार्टी कार्यालय से चला गया था। अब आप ने कहा कि इस बच्चे को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है। आप ने ट्वीट कर कहा बेबी मफलरमैन को 16 फरवरी को अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है। केजरीवाल यहां ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इसे भी पढ़ें : बीसीआई ने लखनऊ कोर्ट बम विस्फोट की निंदा

दिल्ली के नतीजे इस तरह समझें!

नतीजों को डिकंस्ट्रक्ट करने या डिकोड करने के पांच पहलू दिख रहे हैं। पहला, भारत बनाम पाकिस्तान का यानी उग्र राष्ट्रवाद का पहलू।

केजरीवाल के सामने अनेक चुनौतियां

अरविंद केजरीवाल तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बन गए हैं। उनमें और प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी में कई समानताएं हैं।

नवनिर्वाचित विधायकाें में से 43 के खिलाफ आपराधिक मामले : एडीआर

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में निर्वाचित 70 में से 43 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं और 2015 में यहां निर्वाचित हुए 70 में से 24 विधायकों के विरुद्ध ऐसे प्रकरण पंजीकृत थे।

कांग्रेस के दिल्ली के प्रभारी चाको का इस्तीफा

दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार से कांग्रेस में खलबली मच गयी है और उसके नेताओं के इस्तीफे की होड़ के बीच आज प्रदेश प्रभारी महासचिव पी सी चाको ने इस्तीफा दे दिया।

दलाई लामा ने केजरीवाल के खुशी पाठ्यक्रम पहल को सराहा

धर्मशाला। तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने पर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को बधाई देते हुए कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में मन के आंतरिक विकास के पहलुओं को शामिल करने की उनकी पहल सराहनीय है। नोबल शांति पुरस्कार विजेता ने भारत के लोकतंत्र की प्रशंसा करते हुए कहा दिल्ली की जनता को आपके समर्थ नेतृत्व से आगे भी लाभ मिलता रहेगा। उन्होंने कहा जैसा कि मैंने आपसे दो जुलाई, 2018 को दिल्ली के सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रमों में खुशी को शामिल किए जाने पर कहा था, मैं उन्नत मूल्यों के साथ व्यक्तियों को बेहतर और पहले से खुश बनाने के आपके और आपकी सरकार के प्रयासों का गहरा प्रशंसक हूं। लामा ने एक बयान में कहा इन कदमों से बच्चों की संपूर्ण शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और जीवन स्तर सुधारने के उनके सपने को पूरा करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा मूलभूत मानवीय मूल्यों और अंतरधार्मिक सौहार्द्र को बढ़ावा देने के लिए मैं मन और भावनाओं के कार्य करने की प्राचीन भारतीय समझ को पुनर्जीवित करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। मैं इसलिए स्कूली पाठ्यक्रम में मन के आंतरिक विकास के पहलुओं को शामिल करने की प्रशंसा करता हूं। दलाई… Continue reading दलाई लामा ने केजरीवाल के खुशी पाठ्यक्रम पहल को सराहा

सारे हथकंडे अपनाने के बाद भी भाजपा हारी चुनाव: ममता

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव जीतने के सारे हथकंडे अपनाने और धनबल से लेकर जांच एजेंसियां की मदद लेने के बाद भी चुनाव हार गयी। सुश्री बनर्जी ने कहा  सब कुछ होने के बाद भी भाजपा चुनाव हार गयी। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा, इससे पहले वह झारखंड और महाराष्ट्र में भी चुनाव हार चुके हैं। पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले में मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सुश्री बनर्जी ने कहा भाजपा की नीतियां लोगों को नुकसान पहुंचा रही हैं। अर्थव्यवस्था बुरे दौर में है। फैक्टरियां बंद हो रही हैं। एयर इंडिया, बीएसएनएल, बर्न स्टैंडर्ड का निजीकरण हो रहा है। रेलवे में भी निजीकरण की शुरुआत हो चुकी है। केंद्र ने हमें बजट में कुछ नहीं दिया। उनके हम पर एक लाख करोड़ बकाया है। उन्होंने पूछा आप में से अधिकतर लोगों ने लोकसभा चुनावों में भाजपा को वोट दिया था लेकिन बदले में भाजपा ने आपको क्या दिया? नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) लोगों के अधिकार छीनने वाला है। आपको अपनी नागरिकता साबित करने के लिये अपने बाप-दादा की नागरिकता… Continue reading सारे हथकंडे अपनाने के बाद भी भाजपा हारी चुनाव: ममता

विजयवर्गीय ने केजरीवाल को जीत की बधाई दी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महासचिव एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज कराने वाले वहां के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जीत की बधाई देते

भाजपा महासचिवों की बैठक आज, हार पर होगी चर्चा

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की करारी हार हुई है। इस हार से भाजपा का शीर्ष नेतृत्व सकते में है।

ईश्वर के लिए अमित शाह सोचें!

अंतर्मन से उन सभी से प्रार्थना है, जिन्होंने हिंदू की चिंता में अपने आपको राजनीति में, देश-राष्ट्र-राज्य के सरोकारों में समर्पित किया हुआ है।

नए प्रधानमंत्री की दस्तक

दिल्ली के चुनाव में भाजपा की हार देश में नयी राजनीति की शुरुआत कर सकती है। मुझे 2013 के गुजरात विधानसभा के चुनाव की याद आ रही है। जब उसके चुनाव परिणाम घोषित हो रहे थे तो मुझे इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में पांच-छह टीवी चैनलों ने घेर लिया। वे पूछने लगे कि मोदी की 5-10 सीटें कम हो रही हैं, फिर भी आप कह रहे हैं कि गुजरात का यह मुख्यमंत्री अब प्रधानमंत्री के द्वार पर दस्तक देगा। यही बात आज मैं अरविंद केजरीवाल के बारे में कहूं, ऐसा मेरा मन कहता है। आप पार्टी को पिछले चुनाव के मुकाबले इस चुनाव में पाच-छह सीटें कम मिलें तो भी उसका प्रचंड बहुमत है। यह प्रचंड बहुमत याने 70 में से 60 सीटों से भी ज्यादा तब है, जबकि भाजपा और कांग्रेस ने दिल्ली प्रदेश के इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, अपनी पूरी प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी थी। कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने चुनाव-प्रचार के दौरान अपना स्तर जितना नीचे गिराया, उतना गिरता हुआ स्तर मैंने 65-70 साल में कभी नहीं देखा। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को मैं दाद दूंगा कि उन्होंने अपना स्तर ऊंचा ही रखा। अपनी मर्यादा गिरने नहीं दी। भाजपा ने… Continue reading नए प्रधानमंत्री की दस्तक

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