कागज नहीं दिखाएंगे का विमर्श

संशोधित नागरिकता कानून, सीएए के खिलाफ चल रहे आंदोलनों में देश भर में एक कविता बहुत लोकप्रिय हुई- कागज नहीं दिखाएंगे। स्टैंड अप कॉमेडियन वरुण ग्रोवर ने यह कविता लिखी और अब हर जगह इसका पाठ हो रहा है। सीएए का विरोध करने वाले कह रहे हैं कि वे  अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कागज नहीं दिखाएंगे। शनिवार को वोटिंग के दौरान यह बात एक बार फिर ट्रेंड करती रही। कर्नाटक भाजपा के आधिकारिक हैंडल से एक फोटो ट्विट की गई, जिसमें हाथ में वोटर आई कार्ड लेकर लाइन में लगे मुस्लिम मतदाताओं को दिखाया गया और लिखा गया- कागज संभाल कर रखिएगा, जल्दी ही फिर दिखानी पड़ेगी। यह कागज नहीं दिखाएंग के विमर्श पर एक तंज था। एक न्यूज चैनल पर खुल कर भाजपा का समर्थन करने और विपक्षी पार्टियों पर हमले करने वाले एक एंकर ने ट्विट करके दिल्ली के लोगों से वोट करने की अपील करते हुए कहा- वोट डालने निकलिए और हां, कागज लेकर जाइएगा, वरना वोट नहीं डाल पाएंगे। यह भी कागज नहीं दिखाएंगे के विमर्श पर तंज था। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, एनआरसी का विरोध करते हुए मशहूर लेखिका अरुंधति रॉय ने भाजपा के दोनों शीर्ष नेताओं को निशाना बनाते हुए लोगों को सलाह… Continue reading कागज नहीं दिखाएंगे का विमर्श

दिल्ली में 62.59 फीसद मतदान

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कुल 62.59 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के अंतिम आंकड़ों को जारी करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।  दिल्ली विधानसभा की कुल 70 सीटों के लिए शनिवार को वोट डाले गए थे। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चुनाव के अंतिम आंकड़ों के मुताबिक 62.59 फीसदी मतदान हुआ। वर्ष 2015 में विधानसभा चुनाव में 67.47 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। मतदान के बाद शनिवार को आए एग्जिट पोल के नतीजों में आम आदमी पार्टी को आसानी से जीत मिलने की संभावना जताई गई थी।

अमरिंदर 11 लाख नौकरियां देने की बात साबित करें : शिअद

शिरोमणि अकाली दल (शिअद)ने दिल्ली चुनाव प्रचार में बड़े -बड़े दावे करने वाले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से कहा है कि वो नौजवानों को दी गई 11 लाख

शाहीन बाग आयोग की भी विफलता!

अजित कुमार : यह कहने और मानने में हिचक नहीं है कि चुनाव आयोग ने देश में होने वाले चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। सभी चुनाव आयुक्तों ने और केंद्र व राज्यों की सरकारों या दूसरी एजेंसियों ने भी इसमें भूमिका निभाई है। दिल्ली में अभी चल रहे विधानसभा चुनाव में भी आयोग के कुछ काम बहुत सराहनीय हैं। जैसे आयोग ने करीब सवा सौ ऐसे मतदाताओं की पहचान की है, जो एक सौ साल से ज्यादा उम्र के हैं। उनके मतदान के लिए विशेष बंदोबस्त किए गए हैं। उम्रदराज और दिव्यांग मतदाताओं के लिए भी जरूरी उपाय किए गए हैं। मतदाताओं को जागरूक करने का भी प्रभावी अभियान चल रहा है। आयोग के अभियानों का ही असर है कि पूरे देश में मतदान का प्रतिशत बढ़ता जा रहा है और लोगों का भरोसा भी मजबूत हो रहा है। इसके बावजूद दिल्ली के चुनाव में प्रचार की जो शैली है, जो मुद्दे हैं, नेताओं की जैसी बयानबाजी है उसे नियंत्रित नहीं कर पाना चुनाव आयोग की बड़ी विफलता है। पिछले लोकसभा चुनाव में भी ऐसा हुआ था। तब भी नेताओं ने जम कर भड़काऊ भाषण दिए थे। सेना और उसके सैन्य अभियानों के… Continue reading शाहीन बाग आयोग की भी विफलता!

‘न्यास’ की घोषणा का दिल्ली चुनाव से कोई लेनादेना नहीं: जावड़ेकर

सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने आज कहा कि राम जन्म भूमि कीर्तन क्षेत्र न्यास’ की घोषणा की ‘टाइमिंग’ का दिल्ली चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है

वाह! क्या उम्मीदवार हैं, हमारे?

दिल्ली के आम चुनाव की चर्चा देश भर में है। कई कारणों से है लेकिन कुछ कारण ऐसे भी हैं, जिनकी वजह से दिल्लीवाले अपना माथा ऊंचा नहीं कर सकते। दिल्ली में शिक्षा-संस्थाओं की भरमार है लेकिन दिल्ली प्रदेश के चुनाव में 51 प्रतिशत उम्मीदवार ऐसे हैं, जो 12 वीं कक्षा या उससे भी कम पढ़े हुए हैं। उनकी संख्या 340 है। 44 प्रतिशत ऐसे हैं, जिनके शिक्षा बीए या उससे थोड़ी ज्यादा है। उनमें से एम.ए. पीएच.डी, डॉक्टर या वकील कितने हैं, कुछ पता नहीं। ये आंकड़े खोजनेवाली संस्था ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ यदि इस तरह के आंकड़े भी सामने लाती तो हम यह अंदाज लगाते कि इन जन-प्रतिनिधियों में कितने लोग सचमुच पढ़े-लिखे लोग हैं और उनमें से कितनों को कानून बनाने की समझ है। दूसरे शब्दों में इन उम्मीदवारों में कितने ऐसे हैं, जिनमें विधायक या सांसद बनने की योग्यता है। इन उम्मीदवारों में 6 ऐसे हैं, जो कहते हैं कि वे दस्तखत करना जानते हैं और वे चाहें तो अखबार भी पढ़ सकते हैं। कुल 672 उम्मीदवारों में 16 ऐसे भी हैं, जो निरक्षर हैं। वे पढ़ना-लिखना जैसी जेहमत नहीं करते। वे दस्तखत की बजाय हर जगह अंगूठा लगाते हैं। यह ठीक है कि बुद्धिमान और… Continue reading वाह! क्या उम्मीदवार हैं, हमारे?

दिल्ली में केंद्र ने विकास किया, केजरीवाल ने रोड़े अटकाए : जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्री और दिल्ली चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने आज यहां कहा कि वे विकास के मुद्दे पर दिल्ली चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन आप सरकार और उनके विधायकों ने दिल्ली में हिंसा फैलाई है।

दिल्ली चुनाव : केजरीवाल अब मंगलवार को करेंगे नामांकन दाखिल

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार को अपना नामांकन दाखिल नहीं कर पाए। रोड शो में ज्यादा समय बीत जाने के कारण वह तय समय पर पर्चा दाखिल नहीं कर सके। अब मंगलवार को पर्चा दाखिल करेंगे। नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार केजरीवाल को सोमवार को जमनानगर स्थित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट के कार्यालय में नामांकन दाखिल करना था, लेकिन रोड शो में काफी समय लग जाने के चलते वह समय पर वहां नहीं पहुंच सके। इसी निर्वाचन क्षेत्र से तीसरी बार चुनाव लड़ रहे केजरीवाल नामांकन दाखिल करने से पहले वाल्मीकि मंदिर गए। इसके बाद उन्होंने इस मंदिर से कनॉट प्लेस तक रोड शो किया। केजरीवाल ने कहा आज मुझे नामांकन दाखिल करना था। सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट का दफ्तर 3 बजे बंद हो जाता है, लेकिन आप लोगों (रोड शो के दौरान मौजूद लोग) का प्यार देखकर मेरा इसे खत्म करने का मन नहीं हो रहा है। मुझे 2 बजे बताया गया कि हम तय समय से पीछे चल रहे हैं और मुझे यहीं रुक जाना चाहिए। लेकिन आप लोगों को इस तरह मैं बीच में छोड़कर नहीं जा सकता। रोड शो अब खत्म हो रहा है, क्योंकि पुलिस की इजाजत… Continue reading दिल्ली चुनाव : केजरीवाल अब मंगलवार को करेंगे नामांकन दाखिल

चुनावी बॉण्ड पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का फिलहाल इंकार

उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली चुनाव से पहले चुनावी बॉण्ड पर रोक लगाने से फिलहाल सोमवार को इन्कार कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे, न्यायमूर्ति बी आर गवई

दिल्ली चुनाव : 176 लोग शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली में शुक्रवार को आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के कुल 141 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 136 एफआईआर और 5 डीडी प्रविष्टियां हैं। इनमें से 9 मामले आम आदमी पार्टी, 4 कांग्रेस, एक भाजपा और 127 प्रविष्टियां गैर-राजनीतिक दलों के खिलाफ हैं। यह जानकारी शनिवार को दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय से दी गई, जिसके मुताबिक, शुक्रवार तक आर्म्स एक्ट के तहत 161 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें से 176 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इसी तरह 17 जनवरी, 2020 तक वाहनों के दुरुपयोग, लाउडस्पीकर संबंधी नियमों का उल्लंघन, चुनाव आचार संहिता के खिलाफ सभा तथा मतदाताओं को लालच देना जैसे अन्य 6 मामले दर्ज किए गए हैं। इसी तरह, पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा राजधानी के विभिन्न इलाकों में की गई छापेमारी में भारी मात्रा में शराब भी जब्त की गई। आबकारी अधिनियम के तहत 412 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि 419 व्यक्तियों को आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया। इसी तरह 187 गैर-लाइसेंसी हथियार/अस्त्र शस्त्र, 272 कारतूस/विस्फोटक/बम आदि भी जब्त किए गए। जबकि 3579 लाइसेंसी हथियार जब्त किए। इसके अलावा आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत 2042 और दिल्ली पुलिस अधिनियम (डीपी) के तहत 41562 व्यक्तियों के खिलाफ… Continue reading दिल्ली चुनाव : 176 लोग शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार

दिल्ली में सुशासन की परीक्षा!

तन्मय कुमार– दिल्ली का चुनाव वैसे तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के चेहरे पर लड़ा जाएगा। उन्हें बिना  चेहरे के कांग्रेस चुनौती दे रही है और भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे से चुनौती दे रही है। सोचें, एक तरफ अरविंद केजरीवाल का चेहरा और दूसरी ओर नरेंद्र मोदी का चेहरा। इससे पहले भी इन दोनों चेहरों का मुकाबला एक बार हो चुका है, जब केजरीवाल लोकसभा का चुनाव लड़ने वाराणसी पहुंचे थे। वहां कांग्रेस, सपा और बसपा तीनों चुनाव लड़ रहे थे इसके बावजूद आम लोगों ने नरेंद्र मोदी के मुकाबले केजरीवाल को मुख्य विपक्षी उम्मीदवार माना था। वह लड़ाई बड़े अंतर से नरेंद्र मोदी जीते थे। दूसरी बार दिल्ली में नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2015 में अरविंद केजरीवाल को चुनौती दी। पर तब उनके और केजरीवाल के बीच एक बफर था, किरण बेदी के रूप में। पार्टी उनको मुख्यमंत्री का दावेदार बना कर चुनाव लड़ रही थी। पर इस बार केजरीवाल के मुकाबले सीधे नरेंद्र मोदी का चेहरा है। सो, इस बार चुनाव का समूचा परिदृश्य बदला हुआ है। एक तरफ भाजपा चाह रही है कि दिल्ली का चुनाव किसी तरह से राष्ट्रीय मुद्दों पर और नरेंद्र मोदी के चेहरे पर शिफ्ट हो जाए तो दूसरी ओर… Continue reading दिल्ली में सुशासन की परीक्षा!

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