delimitation

  • सांसद, विधायक बढ़ाने से क्या बदल जाएगा?

    इसमें कोई संदेह नहीं है कि संसद में नारी शक्ति वंदन कानून, 2023 में संशोधन का जो विधेयक लाया गया था वह महिला आरक्षण के आवरण में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में सीटें बढ़ाने का प्रयास था। इसमें भी कोई संदेह नहीं है कि आने वाले दिनों में सीटें बढ़ेंगी क्योंकि 2023 का कानून लागू हो गया है। सरकार अगर जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया को फास्ट ट्रैक करती है तो 2029 में ही सीटें बढ़ जाएगी और महिला आरक्षण लागू हो जाएगा अन्यथा थोड़े समय और इंतजार करना होगा। लोकसभा और विधानसभाओं में सीटें बढ़ाना इसलिए जरूरी है...

  • सरकार के दांव से विपक्ष का फायदा

    केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण के लिए नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन का विधेयक इस राजनीतिक एजेंडे के साथ पेश किया था कि पश्चिम बंगाल के चुनाव में इसका फायदा हो जाएगा। बंगाल मातृ शक्ति की पूजा करने वाला राज्य है और अगर चुनाव से ऐन पहले महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिल गया तो चुनाव में भाजपा को लाभ होगा। सरकार को अंदाजा था कि विधेयक पास नहीं भी हो सकता है फिर भी इसे पेश किया गया तो यह भी मकसद था कि अगर विपक्ष इसका विरोध करता है तो चुनाव में प्रचार करके उसको कठघरे में...

  • ईमानदारी सबसे अच्छी नीति

    विपक्ष के एकजुट रहने का संदेश है कि जनमत की प्रतिक्रिया उभार कर निर्णायक दबाव बनाने की भाजपा क्षमता अब कमजोर पड़ रही है। मगर प्रधानमंत्री इससे बेखबर नजर आए। नतीजतन, राजनीतिक गतिरोध अब और बढ़ेगा। अपने 12 साल के कार्यकाल की सबसे बड़ी विधायी पराजय का सामना करने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार आत्म-निरीक्षण करे, तो वह विश्वास, पारदर्शिता, और साफ़गोई का महत्त्व बेहतर ढंग से समझ सकती है। मकसद परिसीमन था, तो उस पर महिला आरक्षण का मुलम्मा चढ़ाने क्या जरूरत थी? विपक्ष चकमा खा जाएगा या महिला विरोधी ना दिखने की जुगत में लोकसभा सदस्यों की संख्या...

  • बहेलिया-बिसात पर भग्नमनोरथी-ब्रह्मास्त्र

    हमारा देश आजकल संविधान, क़ानून, नियम और स्थापित परंपराओं से नहीं, एक व्यक्ति के मन की बात और एक व्यक्ति के मस्तिष्क में कौंधने वाली तरंग के आधार पर चल रहा है। पिछले पौने बारह बरस में हम ने ऊलजुलूल फ़ैसलों की ऐसी अनगनित मिसालें देखी हैं, जिन का सिर-पैर न तो आज तक किसी समझदार की समझ में आया और न कभी आएगा। 1 अरब 47 करोड़ 50 लाख भारतवासियों के पास अपने पर थोपे जा रहे तरह-तरह के निर्णयों को बेबस मुद्रा में मन मसोस कर स्वीकार करते रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है। असहमति...

  • परिसीमन विवाद का डीएमके को फायदा

    पता नहीं महिला आरक्षण 2029 से ही लागू करने का कानून पास करने से भाजपा को कितना फायदा होगा या परिसीमन करके लोकसभा व विधानसभा की सीटों में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी का फैसला 2029 के चुनाव में उसके कितना लाभ पहुंचाएगी लेकिन यह हकीकत है कि अभी परिसीमन को लेकर जितनी चर्चा चल रही है और संसद के विशेष सत्र में परिसीमन की मंजूरी कराने का प्रयास हो रहा है उससे तमिलनाडु में एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके को बड़ा राजनीतिक लाभ हो सकता है। ध्यान रहे परिसीमन की प्रक्रिया का सभी विपक्षी पार्टियां विरोध कर रही हैं...

  • परिसीमन का विरोध करेगा विपक्ष

    नई दिल्ली। विपक्ष ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। वह महिला आरक्षण के समर्थन में है लेकिन परिसीमन का विरोध करेगा। विपक्षी पार्टियों ने बुधवार, 15 अप्रैल को बैठक करके फैसला किया कि अगर सरकार लोकसभा की मौजूदा सीटों यानी 543 सीट पर महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का कानून लाती है तो विपक्ष उसका समर्थन करेगा। लेकिन परिसमन के जरिए सीटें बढ़ाने का विपक्ष विरोध करेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को विपक्षी नेताओं के साथ मीटिंग के बाद विपक्ष के इस स्टैंड का ऐलान किया। विपक्षी पार्टियों के इस रुख से सरकार के लिए मुश्किल...

  • विपक्ष परिसीमन का समर्थन नहीं करेगा

    महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर पहले लग रहा था कि विपक्ष के सामने दुविधा है और विपक्षी पार्टियां इसमें उलझ जाएंगी। लेकिन अब धीरे धीरे विपक्ष ने अपना रुख स्पष्ट करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी यानी लोकसभा की दूसरी और तीसरी सबसे बड़ी पार्टियों ने अपना स्टैंड स्पष्ट कर दिया है। असल में दुविधा इस बात को लेकर थी कि अगर केंद्र सरकार की ओर से लाए जा रहे संविधान संशोधन बिल का विरोध किया जाता है तो विपक्षी पार्टियों को महिला आरक्षण का विरोधी बताया जाएगा। यह खतरा अब भी है लेकिन विपक्ष की...

  • परिसीमन और प्रश्न

    चुनावी लोकतंत्र में प्रतिनिधित्व के मूलभूत सिद्धांत को लेकर विपक्ष इतना आशंकित क्यों है? ऐसा नहीं कहा जा सकता कि उसके अंदेशे निराधार हैं। मगर समस्याएं कहीं और हैं। उनके आधार पर बुनियादी सिद्धांत की अनदेखी गलत कदम होगा। विधायिका में महिला आरक्षण के लिए संसद के बुलाए गए विशेष सत्र में संभवतः लोकसभा सीटों के परिसीमन से संबंधित विधेयक भी पारित किया जाएगा। केंद्र हर राज्य की मौजूदा सीट को डेढ़ गुना कर देने के फॉर्मूले पर आगे बढ़ता दिख रहा है। मगर इस फॉर्मूले के तर्क को समझना मुश्किल है। संसदीय लोकतंत्र में निम्न सदन की सीटें जनसंख्या...

  • विधायकों पर परिसीमन की तलवार

    बिहार से लेकर ओडिशा और हरियाणा तक में कांग्रेस के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की या किसी न किसी तरीके से अपने वोट अवैध कराए, जिससे भाजपा को फायदा हुआ। हरियाणा में भाजपा सीट नहीं जीत सकी, लेकिन 37 विधायकों वाली कांग्रेस को सिर्फ 28 वोट मिले। इसका मतलब है कि उसके नौ विधायक अब उससे अलग हैं। उनमें से एक विधायक के पति ने भारतीय जनता पार्टी की जम कर तारीफ की है। बहरहाल, राज्यसभा चुनाव के बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि आखिर इन विधायकों के सामने क्या प्रलोभन रखा गया होगा,...

  • परिसीमन पर उत्तर भारत का पक्ष

    जनगणना की अधिसूचना जारी होने के बाद एक बार फिर परिसीमन की बहस छिड़ गई है। उत्तर बनाम दक्षिण का विवाद शुरू हो गया है। दक्षिण के राज्य परिसीमन के विचार का विरोध कर रहे हैं और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा है कि इस मामले में यथास्थिति रहनी चाहिए और लोकसभा सीटों की संख्या 1971 की जनगणना के आधार पर ही फिक्स रखनी चाहिए। गौरतलब है कि 1971 की जनगणना के आधार पर 1973 में लोकसभा सीटों का परिसीमन हुआ था और उसके बाद से इनकी संख्या नहीं बढ़ाई गई है, जबकि उस समय से अभी तक...

  • परिसीमन, महिला आरक्षण 2029 के बाद

    केंद्र सरकार ने जनगणना कराने का ऐलान कर दिया है और उसके साथ ही यह भी ऐलान कर दिया है कि इस बार जनगणना के साथ ही जातियों की गिनती भी होगी। दो चरण में होने वाली जनगणना एक मार्च 2027 को पूरी हो जाएगी। हालांकि इसके आंकड़े आने में समय लगेगा। तभी सरकार की ओर से कहा गया है कि परिसीमन का काम जनगणना से नहीं जुड़ा है। यानी जनगणना अलग होगी और परिसीमन अलग से होगा। माना जा रहा है कि इस बार जनगणना डिजिटल डिवाइसेज के साथ होगी, जिससे अंतिम आंकड़े आने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।...

  • परिसीमन और महिला आरक्षण की चिंता

    देश के कुछ बड़े नेताओं को छोड़ दें, जो अपनी सीट बदल कर कहीं से भी चुनाव लड़ सकते हैं तो ज्यादातर नेताओं की चिंता बढ़ी हुई है। भाजपा के नेता ज्यादा चिंतित क्योंकि उनको लग रहा है कि परिसीमन और महिला आरक्षण का इस्तेमाल उनकी टिकट काटने के लिए हो सकता है। ध्यान रहे सरकार अगले साल जनगणना और उसके बाद परिसीमन कराने की तैयारी है। साथ ही महिला आरक्षण लागू होने वाला है। इस वजह से पार्टियों के नेता चिंता में हैं और इन दिनों राजनीतिक गतिविधियां कम करके आगे के हालात पर चिंता कर रहे हैं। जिन...

  • हल नहीं है परिसीमन को टालना

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन परिसीमन के खिलाफ एक मजबूत विपक्षी लामबंदी करने में सफल रहे हैं। अपने राज्य में उन्होंने 2026 में लोकसभा सीटों के प्रस्तावित परिसीमन के साथ-साथ हिंदी थोपने की कथित कोशिश और नई शिक्षा नीति के तहत राज्यों की स्वायत्तता के हनन को जोड़ कर सियासी मुद्दा गरमा रखा है। लेकिन 22 मार्च को उन्होंने चेन्नई में बहुदलीय बैठक का आयोजन किया, तो उसमें सिर्फ परिसीमन का मुद्दा ही रखा गया। संभवतः इसलिए कि गैर-दक्षिणी भाषी राज्यों में राजनीतिक हित रखने वाले कुछ दल भाषा जैसे विवाद में उलझने को इच्छुक ना रहे हों। जबकि जिन...

  • अंदेशे दूर करना जरूरी

    cm stalin delimitation : चेन्नई बैठक में घोषणा हुई कि परिसीमन के मुद्दे पर वहां आए दलों का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मिलेगा। यह उचित अवसर होगा, जब केंद्र वार्ता प्रक्रिया की पहल करे। भारत के संघीय ढांचे की कथित अवहेलना संबंधी अंदेशे दूर किए जाने चाहिए।  राजनीतिक दल जो मुद्दे को उठाते हैं, भले उनको लेकर वे ईमानदार ना हों, मगर उनकी समझ होती है कि ये बड़ी संख्या में लोगों के मन को छू रहे हैं। परिसीमन विरोध के सवाल पर डीएमके, लेफ्ट, कांग्रेस की दक्षिणी इकाइयां, आम आदमी पार्टी, भारत राष्ट्र समिति, वाईएसआर कांग्रेस, बीजेडी सहित कई पार्टियां...

  • चेन्नई में आज बड़ी बैठक

    चेन्नई। परिसीमन के मसले पर शनिवार को चेन्नई में बड़ी बैठक होगी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बुलावे पर सात राज्यों के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री स्टालिन की अध्यक्षता में बैठक होगी, जिसमें तीन और राज्यों के मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे। केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बैठक में शामिल होंगे। कर्नाटक सरकार की ओर से उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में परिसीमन के केंद्र सरकार के प्रस्ताव का राजनीतिक और कानूनी रूप से मुकाबला करने के...

  • एक सुलगती हुई चिंगारी

    मुमकिन है कि परिसीमन, एनईपी और भाषा विवाद पर डीएमके प्रमुख के बयानों की वजह अगले विधानसभा के चुनाव हों, जिसके लिए उन्होंने अभी से पैंतरेबाजी शुरू कर दी हो। मगर इसे सिर्फ चुनावी दायरे में देखना स्थिति से आंख मूंदना होगा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की चेतावनियों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। यह देश में चौड़ी हो रही विभाजन-रेखाओं की एक मिसाल है। स्टालिन ने 2026 में लोकसभा सीटों के संभावित परिसीमन को पूरे दक्षिण भारत की आवाज दबाने की कोशिश बताया है। उन्होंने इस मुद्दे पर पांच मार्च को 40 राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई है। इसके...

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