Guru purnima celebration 2021 : ‘सांकेतिक स्नान’ का दावा फेल, गंगा स्नान के लिए टूट पड़े श्रद्धालु

श्रद्धालुओं ने ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का ही ख्याल रखा और ना ही मास्क ही पहने हुए नजर आए. इतना ही नहीं प्रशासन द्वारा पिछले कई दिनों से कहा जा रहा था कि स्नान के लिए कोरोना के नेगेटिव रिपोर्ट कैरी करना जरूरी होगा.

शव बहाए, पाप धोए और हमने कर ही दी गंगा मैली : बदला पानी का रंग, वैज्ञानिकों ने भी जताई चिंता

कोरोना की पहली लहर के दौरान जब लॉकडाउन लगाया गया था तब नदियों का पानी अपने आप बहुत साफ हो गया था. लेकिन काशी में इन दिनों लॉक डाउन के बाद भी गंगा का पानी पूरी तरह से हरा हो गया है.

चारधामयात्रा 2021 :  खुल गये है पंचकेदार के कपाट, कोरोना के कारण इस बार भी व्यापार ठप

केदारनाथ धाम करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। बाबा केदार के भक्त कपाट खुलने का बसब्री से इंतज़ार करते रहते है। लेकिन अब भक्तों का इंतज़ार तो खत्म हो चुका है। आज सुबह ब्रह्म मुहुर्त में केदारनाथ मंदिर के कपाट खुल चुके है। बाबा केदार की पूजा-अर्चना सुबह तीन बजे ही शुरु हो गयी थी। फिर पॉच बजे पुरे विधि-विधान के साथ मंदिर के कपाट खोल दिए गए। मंदिर को 11 क्विटल फूलों से सजाया गया। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर के कपाट छः माह पश्चात खोल दिए गए है। बाबा केदार का यह धाम ग्याहरवें ज्योतिर्लिंग में से एक है।  मेष लग्न में कपाट खुलते ही सबसे पहली प्रार्थना जिलाधिकारी के हाथों प्रधानमंत्री मोदी के नाम से की गई। मंदिर खुलते समय मुख्य पुजारी के साथ कुछ लोग ही मौजूद रहे। बाबा के कपाट खुलने के मौके पर रावल भीमाशंकर लिंग, मुख्य पुजारी बागेश लिंग, जिलाधिकारी मनुज गोयल, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्याधिकारी बीड़ी सिंह मौजूद रहे। मंदाकिनी एवं सरस्वती नदी के संगम पर स्थित केदारनाथ मंदिर में इस बार भी कपाटोद्धाटन सामारोह सुक्ष्म रूप से आयोजित किया गया। कोरोना महामारी के कारण इस बार श्रद्धालुओं पर चारधाम यात्रा की पाबंदी रहेगी।… Continue reading चारधामयात्रा 2021 : खुल गये है पंचकेदार के कपाट, कोरोना के कारण इस बार भी व्यापार ठप

चार धाम यात्रा2021 : पूरे विधि-विधान के साथ खोले गये गंगोत्री धाम के कपाट, सेना का पाइप बैंड भी नहीं हुआ शामिल, इस वर्ष श्रद्धालु नहीं कर सकेंगे चार धाम यात्रा

14 मई को यमनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा का श्री गणेश हो चुका है। आज शनिवार के दिन शुभ मुहुर्त में सुबह-सुबह गंगोत्री धाम के कपाट भी खुल गये है। अक्षय तृतीया के मिथुन लग्न की शुभ बेला पर शनिवार को आज प्रात: साढ़े सात बजे पर विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट छह माह के लिए खोल दिए गए। हर वर्ष गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट एकसाथ अलग-अलग मुहुर्त में खोले जाते है लेकिन इस वर्ष अलग दिन खोले गये। गंगोत्री धाम के कपाट आज सुबह 7ः30 बजे खोल दिये गये है। इस वर्ष कोरोना महामारी का संकट मंडरा रहा है। इस कारण भारत में हालत अत्यंत खराब है। इसके मद्देनज़र उतराखंड सीएम तीरथ सिंह रावत ने चार धाम पर प्रतिबंद्ध लगा दिया है। इस वर्ष श्रद्धालुओं के चारधाम यात्रा पर रोक लगाई हुई है। कोरोना महामारी के मद्देनजर सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार इस बार बिना श्रद्धालुओं के कपाट खोले गए। कपाटोद्घाटन पर पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा भेंट स्वरूप भेजी गई 1101-1101 रुपये की धनराशि के साथ हुई। कपाट खुलते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। और… Continue reading चार धाम यात्रा2021 : पूरे विधि-विधान के साथ खोले गये गंगोत्री धाम के कपाट, सेना का पाइप बैंड भी नहीं हुआ शामिल, इस वर्ष श्रद्धालु नहीं कर सकेंगे चार धाम यात्रा

चारधाम यात्रा 2021 :  खुल गए है यमुनोत्री धाम के कपाट, इस बार अलग-अलग दिन खुलेंगे यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट..

यमुनोत्री धाम के कपाट खुलते ही चारधाम यात्रा का श्री गणेश हो गया है। उत्तराखंड स्थित विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट आज खोल दिये गए है। यमुनोत्री धाम के कपाट अभिजित मुहूर्त में दोपहर 12.15 बजे विशेष पूजा अर्चना और विधि विधान के साथ खोल दिए गए है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट हर वर्ष अक्षयतृतीया की पावन बेला पर खोले जाते है। लेकिन इस वर्ष यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के अलग-अलग दिन खोले जाएंगे। देश में अभी कोरोना वायरस अनियंत्रित हो रहा है। इस कारण इस वर्ष चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति नहीं है। कपाट खुलते समय मंदिर में पुजारी के अलावा किसी अन्य के आने की अनुमति नहीं होगी।कपाट खुलते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। कपाट खुलते ही पहली पुजा-अर्चना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई । प्रधानमंत्री द्वारा 11 सौ एक रुपये मंदिर समिति के खाते में भिजवाए गए हैं।   इसे भी पढ़ें अक्षय तृतीया2021: बीका तेरो बीकाणो जोधाण स सवायो बाजसी..करणी माता के आशीर्वाद से बना बीकानेर, आइये जानते है बीकानेर के इतिहास के बारे में .. मां यमुना भाई के साथ आई यमुनोत्री धाम मां यमुना के भाई समेश्वर देवता (शनि महाराज) की डोली भी… Continue reading चारधाम यात्रा 2021 : खुल गए है यमुनोत्री धाम के कपाट, इस बार अलग-अलग दिन खुलेंगे यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट..

CHARDHAM YATRA POSTPOND : कोरोना ने चारधाम यात्रा पर निर्भर व्यापारियो की फिर तोड़ी कमर… सीएम  रावत ने निलंबित की चारधाम यात्रा

हिन्दु धर्म के आस्था का प्रतीक है चारधाम यात्रा। चारधाम की यात्रा उतराखंड में स्थित है-केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री।  हर वर्ष चारधाम की यात्रा में हजारों-लाखों श्रद्धालु अपने भगवान के दर्शन को जाते है। लेकिन इस वर्ष जो भक्तों चारधाम यात्रा पर जाने की सोच रहे है उनके लिए एक बुरी खबर है। कोरोना के इस भयावह माहौल में उतराखंड सीएम  तीरथ सिंह रावत ने इस वर्ष की चार धाम यात्रा रद्द कर दी है। उतराखंड में कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे है। कुंभ के बाद उतराखंड में कोरोना आग की तरह फैला है। इस वर्ष श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर नहीं जा पाएंगे। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राज्य में कोरोना की स्थिति को देखते हुए चारधाम यात्रा निलंबित की जाती है। सिर्फ पुजारियों को पूजा और बाकी धार्मिक  अनुष्ठान करने की इजाजत होगी। पुजारियों के अलावा किसी भी श्रद्धालु को वहां जाने की अनुमति नहीं होगी। पहले से निर्धारित तिथी पर खुलेंगे चारोंधाम के कपाट। इसे भी पढें मानवता के इंतेहान में कहीं असफल ना हो जाएं..विशेषज्ञों ने जताया मुंबई में तीसरी लहर का अनुमान 14 मई से खुलेंगे चारोधाम चारोंधाम के कपाट मई में खुलेंगे। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अक्षयतृतीया के दिन 14… Continue reading CHARDHAM YATRA POSTPOND : कोरोना ने चारधाम यात्रा पर निर्भर व्यापारियो की फिर तोड़ी कमर… सीएम रावत ने निलंबित की चारधाम यात्रा

रामनवमी 2021: 21 अप्रेल को है रामनवमी, जानें पूजा विधि, मुहुर्त ….

चैत्र नवरात्रों का समापन राम नवमी के दिन होता है। पुराणों के अनुसार राम नवमी भगवान श्री राम के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाते है। इस दिन अयोध्या के राजा राम का जन्म हुआ था। इस बार राम नवमी 21 अप्रैल को मनाई जाएगी। मान्यता है कि राम जी का जन्म चैत्र शुक्ल नवमी के दिन दोपहर के समय हुआ था। ये भी मान्यता है कि उस दिन पुनर्वसु नक्षत्र था। साथ ही चन्द्रमा भी कर्क राशि में था और वहीं लगभग सारे ग्रह उच्च के थे। श्रीराम जी के साथ नवरात्रि के अंतिम दिन मां के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की भी उपासना की जाती है। इसे भी पढ़ें चैत्र नवरात्र 2021 : जानें मां दुर्गा की आठवीं शक्ति कैसे कहलाईं गौरी, महागौरी के साथ सिंह ने भी की कठोर तपस्या रामवनमी का शुभ मुहुर्त और पूजन विधि ज्योतिष गणना अनुसार, राम नवमी पूजा का शुभ मुहूर्त बुधवार 21 अप्रैल सुबह 11 बजकर 02 मिनट से दोपहर 01 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। पूजन मुहूर्त की कुल अवधि 2 घण्टे 36 मिनट रहेगी। नारद पुराण के अनुसार राम नवमी के दिन भक्तों को उपवास करना चाहिए। घर के मंदिर में भगवान राम की मूर्ति की या तस्वीर की स्थापना करें… Continue reading रामनवमी 2021: 21 अप्रेल को है रामनवमी, जानें पूजा विधि, मुहुर्त ….

चैत्र नवरात्र 2021 : जानें मां दुर्गा की आठवीं शक्ति कैसे कहलाईं गौरी, महागौरी के साथ सिंह ने भी की कठोर तपस्या

माँ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। दुर्गापूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कष्ठ दूर हो जाते है। पूर्वसंचित पाप भी खत्म हो जाते हैं। भविष्य में पाप-संताप, दैन्य-दुःख उसके पास कभी नहीं जाते। वह सभी प्रकार से पवित्र और अक्षय पुण्यों का अधिकारी हो जाता है। नवरात्र के नौ दिनों का पावन पर्व का अंतिम पड़ाव महागौरी की पूजा पर खत्म होता है।  नवरात्र के नौ दिनों में प्रति दिन देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है लेकिन नवरात्र के आठवें और नौवें दिन देवी दुर्गा के नौ रूपों के प्रतीक में कन्या पूजन का भी विधान है जो इस पर्व के महत्व को और भी बढ़ा देता है। महागौरी को भगवान गणेश की माता के रूप में भी जाना जाता है। आइये आज नवरात्र के अंतिम दिन महागौरी की पूजा और कथा के बारे में जानते है….. इसे भी पढ़ें चैत्र नवरात्र 2021: मां दुर्गा की सातवीं शक्ति देवी कालरात्री ने किया रक्तबीज का वध महागौरी का स्वरूप मां गौरी का रंग अतयंत गौरा है। इस गौरता की उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से दी गई… Continue reading चैत्र नवरात्र 2021 : जानें मां दुर्गा की आठवीं शक्ति कैसे कहलाईं गौरी, महागौरी के साथ सिंह ने भी की कठोर तपस्या

चैत्र नवरात्र 2021: मां दुर्गा की छठी शक्ति देवी कात्यायनी क्यों कहलायी महिषासुरमर्दिनी

नवरात्रि में छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। उसके रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। जन्मों के समस्त पाप भी नष्ट हो जाते हैं।  इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। उसके रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। जन्मों के समस्त पाप भी नष्ट हो जाते हैं। इसलिए कहा जाता है कि इस देवी की उपासना करने से परम पद की प्राप्ति होती है। इसे भी पढ़ें गुजरातः माता सती का ऐसा अनोखा मंदिर जहां श्रद्धालु तो आते है लेकिन मुर्ति नहीं देख पाते…. मां का स्वरूप मां कात्यायनी अद्भुत रूप वाली हैं। नवरात्र के छठे दिन साधक का मन आज्ञा चक्र में स्थित रहता है। योग साधना में आज्ञा चक्र का खास महत्व होता है। जातक का मन आज्ञा चक्र में स्थित होने के कारण देवी कात्यायनी के आसानी से दर्शन मिलते हैं। मां कात्यायनी का रूप भव्य तथा प्रभावशाली होता है। उनका रूप सोने की तरह चमकीला है। देवी कात्यायनी की चार भुजाएं हैं। दायीं… Continue reading चैत्र नवरात्र 2021: मां दुर्गा की छठी शक्ति देवी कात्यायनी क्यों कहलायी महिषासुरमर्दिनी

चैत्र नवरात्र 2021 : मां स्कंदमाता अपने भक्तों पर करती है स्नेह की बारिश

नवरात्रे के पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। स्कंद का अर्थ भगवान कार्तिकेय और माता का अर्थ मां है। अतः इनके नाम का अर्थ ही स्कंद की माता है। देवासुर संग्राम के सेनापति भगवान स्कन्द की माता होने के कारण मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप को स्कन्दमाता के नाम से जानते हैं। स्कंदमाता सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी है। इनकी उपासना करने से साधक अलौकिक तेज की प्राप्ति करता है। यह अलौकिक प्रभामंडल प्रतिक्षण उसके योगक्षेम का निर्वहन करता है। एकाग्रभाव से मन को पवित्र करके मां की स्तुति करने से दु:खों से मुक्ति पाकर मोक्ष का मार्ग सुलभ होता है। इसे भी पढ़ें इस गांव के एक ग्वाले को माता ने दिये थे दर्शन, पिंड स्वरूप में विराजमान है मां स्कंदमाता का पूजन सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया । शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ॥ देवी स्कंदमाता की पूजा के लिए जहां पर कलश स्थापना की हुई है। पूजा के लिए कुश अथवा कंबल के पवित्र आसन पर बैठकर पूजा प्रक्रिया को उसी प्रकार से शुरू करना चाहिए।  वहां पर स्कंदमाता की मूर्ति या तस्वीर की स्थापना करें और उन्हें फल चढ़ाएं, फूल चढ़ाए, धूप-दीप जलाएं। माना जाता है कि पंचोपचार विधि से देवी स्कंदमाता की पूजा करना बहुत शुभ… Continue reading चैत्र नवरात्र 2021 : मां स्कंदमाता अपने भक्तों पर करती है स्नेह की बारिश

उतराखंड  : हरि की नगरी में कुंभ नहाने आये 30 श्रद्धालु कोरोना संक्रमित

देश में कोविड-19 का कहर बढ़ता ही जा रहा है. आज देश में कोरोना के सवा दो लाख मामले सामने आये हैं. कोरोना के इस खराब हालत में देश में कई धार्मिक आयोजन हो रहे हैं.  कुंभ में 30 श्रद्धालु कोरोना संक्रमित मिले हैं.  इनमें ऑल इंडिया अखाड़ा परिषद के महंत नरेंद्र गिरी भी शामिल हैं. जिन्हें इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है. देवभूमि उतराखंड में महाकुंभ चल रहा है जो 1 अप्रेल को आयोजित हुआ था.  जो भयंकर कोरोना स्प्रेडक का कारण बन सकता है. कुंभ मेला अभी दो सप्ताह और चलने वाला है. यह भी पढ़ें Ramadan 2021 : कोरोना के साये के बीच रमजान का पहला जुमा, घरों पर ही इबादत की अपील निरंजनी अखाड़े ने शनिवार को कुंभ से हटने का किया फैसला हरिद्वार के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. एसके झा ने बताया कि अभी तक 30 साधु कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. ये मामले किसी एक विशेष अखाड़ा से सामने नहीं आ रहे हैं। निरंजनी, जूना और अन्य सभी अखाड़ों से ये मामले सामने आ रहे हैं। इसलिए एक निरंजनी अखाड़ा ने कुंभ से शनिवार को हटने के फैसला किया है। गुरुवार की रिपोर्ट में कुंभ मेले के पहले पांच दिन… Continue reading उतराखंड : हरि की नगरी में कुंभ नहाने आये 30 श्रद्धालु कोरोना संक्रमित

चैत्र नवरात्र 2021 : मां चंद्रघंटा ने महिषासुर का वध कर की देवताओं की रक्षा

नवरात्री के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां को परमफलदायनी माना गया है। मां शत्रुओं का नाश करती है। माता के भक्त सच्चे मन से मां का पूजन करते है तो मां अवश्य ही अपने भक्तों की मनोंकामनाएं पूरी करती है। मान्यता है कि नवरात्रि में मां चंद्रघंटा की पूजा विधि पूर्वक करने से उसे अलौकिक ज्ञान की प्राप्ति होती है। इस देवी की पूजा और उपासना से साहस और निडरता का बोध होता है। जो व्यक्ति मां चंद्रघंटा की पूजा करते हैं उन्में मां सौम्यता और विनम्रता का भी आर्शीवाद प्रदान करती हैं। मां चंद्रघंटा की पूजा करने से रोग से भी मुक्ति मिलती है। इसे भी पढ़ें रमजान 2021 : आज से रमजान का पाक महीना शुरू, जानें क्यों रखे जाते हैं रोजे… माता का स्वरूप माता के सिर पर घंटे के आकार के अर्धचंद्र की वजह से इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। देवी चंद्रघंटा का वाहन सिंह है। मां का यह स्वरूप राक्षसों का वध करने के लिए जाना जाता है।मां के शरीर का रंग सोने के समान है। उनके हाथों में तलवार, त्रिशूल, गदा और धनुष होता है। माता की दस भुजाएं और तीन आंखें हैं। आठ हाथों में दिव्य अस्त्र-शस्त्र हैं और… Continue reading चैत्र नवरात्र 2021 : मां चंद्रघंटा ने महिषासुर का वध कर की देवताओं की रक्षा

समय से पहले नहीं खत्म होगा कुंभ मेला

हरिद्वार। उत्तराखंड के अधिकारियों ने समय से पहले कुंभ मेला खत्म किए जाने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बावजूद अधिकारियों ने कहा है कि कुंभ मेला 30 अप्रैल तक चलेगा। पहले कहा जा रहा था कि इसे नियत समय से दो हफ्ते पहले खत्म किया जा सकता है। यह भी चर्चा थी कि 14 अप्रैल को बैशाखी के शाही स्नान के बाद इसे खत्म किया जाएगा। लेकिन अधिकारियों ने इससे इनकार किया है। हालांकि अगले दो हफ्ते अतिरिक्त सख्ती की तैयारी का जा रही है। कुंभ मेला अधिकारी और हरिद्वार के कलेक्टर दीपक रावत ने बुधवार को कहा- कुंभ मेला जनवरी में शुरू होना था लेकिन कोरोना की स्थिति को देखते हुए राज्‍य सरकार ने इस बार इसे अप्रैल ने शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने कहा- केंद्र सरकार की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया के मुताबिक हालात के चलते, इसकी अवधि को कम किया जा सकता है लेकिन मेरे पास इसमें कटौती की कोई सूचना नहीं है। बहरहाल, कुंभ में बुधवार सबसे बड़ा स्‍नान था, इसके बाद अप्रैल महीने में एक और स्‍नान है।  कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच बैसाखी और मेष संक्रांति के पर्व पर महाकुंभ… Continue reading समय से पहले नहीं खत्म होगा कुंभ मेला

Mahakumbh 2021: महाकुंभ में 21 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, कोरोना को लेकर प्रशासन अलर्ट

New DelhI: देशभर में बढ़ते कोरोना मामलों के बीच महाकुंभ का भी आयोजन किया जा रहा है.  इस बार के महाकुंभ के आयोजन में शुरु से ही राजनीतिक पार्टियों में मतभेद देखा जा रहा था. इसके बाद भी देश उत्तराखंड और केंद्र सरकार ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम का हवाला देते हुए इसे आयोजित करने का फैसला लिया. देशभर में फैले दूसरे लहर के बीच  आज हरिद्वार में  दूसरे शाही स्नान के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे. मेला प्रशासन द्वारा जारी किये गये आंकड़ों के अनुसार 12 बजे तक 21 लाख 7 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने हरिद्वार के कुम्भ मेला एरिया में स्नान किया है. आंकड़ों के बाहर आते ही देशभर में इस बात की चर्चा होनी शुरु हो गई है कि क्या इतने ज्यादा लोगों के एक साथ स्नान करने पर कोरोना का प्रसार नहीं होगा. जहां एक ओर लगभग देश के सभी राज्यों में कोरोना संक्रमण को लेकर लोग परेशान है ऐसे में एक बार फिर से इस आयोजन पर सवाल खड़े हे रहे हैं. एक दिन में  उत्तराखंड में  मिले  नए1333 मरीज  बता दें कि एक ओऱ तो राज्य में महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है, तो दूसरी ओर कोरोना के मरीजों की संख्या… Continue reading Mahakumbh 2021: महाकुंभ में 21 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, कोरोना को लेकर प्रशासन अलर्ट

Corona के कारण उत्तर भारत के प्रसिद्ध कैला माता मंदिर में दर्शनों पर लगाई रोक, नहीं भरेगा मेला

Corona की दूसरी लहर की आशंका के चलते इसी के साथ मंदिर में वीरानी छा गई। आज से ही कैला माता का प्रसिद्ध चेत्र लक्खी मेला भी शुरू होना था।

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